मनपसंद चैनल का चुनाव करना… जेब पर पड़ा भारी

मनपसंद चैनल का चुनाव करना… जेब पर पड़ा भारी

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उपभोक्ताओं को टेलीविजन सेट के जरिए मनपसंद चैनल को देखना है तो पहले की अपेक्षा ज्यादा पॉकेट को ढीला करना होगा तभी आप नये नियमानुसार बुद्धू बक्सा के जरिए मनोरंजन कर सकते हैं.

एक जमाना था… जब लोग मनोरंजन के लिए रेडियो या टेलीविजन में सिर्फ दूरदर्शन देखा करते थे वो भी “ फ्री ”. कई सालों बाद प्राइवेट चैनल का दौर शुरू हुआ. प्राइवेट चैनल को केबुल के माध्यम से देखा करते थे जो आम-आवाम की जेब में आ जाता था. उसके बाद डी०टी०एच आया… वो भी लोगों की जेब में आ जाता था.

वर्तमान समय में दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) का फरमान जारी हुआ है कि, 31 मार्च तक आम-आवाम अपने मनपसंद के चैनल का चुनाव कर लें, जो पहले की भाँती सस्ता होगा लेकिन, केबुल ओपरेटर और डी०टी०एच प्रोभाईडर के मनमानी का शिकार आम उपभोक्ता हो रहे हैं. ट्राई ने मनपसंद चैनल का चुनने का अधिकार आम-आवाम को दिया लेकिन, यह उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रहा है. ट्राई ने मनपसंद चैनल का चुनने का अधिकार जब दिया था तो माना जा रहा था कि, दूरसंचार के क्षेत्र की तरह केबल नेटवर्क के क्षेत्र में नई क्रांति आएगी लेकिन, पासा उल्टा पड़ गया.

मनपसंद चैनल का चुनने का अधिकार से पहले आम उपभोक्ता 250 रूपये में चैनलों का लुत्फ़ उठा लेते थे लेकिन, ट्राई के फैसले से आम उपभोक्ता हैरान व परेशान है. वर्तमान समय में उपभोक्ता अपने आप को बुद्धू बनने के लिए मजबूर हो रहें हैं. पहले उपभोक्ता 250 रूपये में फ्री चैनलों के साथ-साथ पेड चैनलों को देख लेते थे लेकिन, मनपसंद चैनल का चुनने की आजादी केबुल ओपरेटर और डी०टी०एच प्रोभाईडर के सामने गुलामी करने को मजबूर हो रहें हैं. 

वर्तमान समय में केबुल ओपरेटर और डी०टी०एच प्रोभाईडर ट्राई के नये नियमों का हवाला देकर अधिकतर चैनलों को बंद कर दिया है. नये नियम के अनुसार, 31 मार्च के बाद 100 से अधिक चैनल देखने के लिए 130 रूपये देने होंगें. इससे अधिक देखने के लिए उपभोक्ताओं को 25 चैनल का पैक लेना होगा साथ ही 18 प्रतिशत जीएसटी भी देना होगा.

वर्तमान समय में ट्राई के फैसलों के दावे धाराशायी हो गये हैं फ्री चैनल के नाम पर उपभोक्ताओं को ऐसे चैनल दिए जा रहे हैं जो की दुसरे भाषाओं के या अनचाहे चैनल शामिल है. उपभोक्ता हैरान व परेशान हो रहे हैं वहीं दूसरी तरफ केबुल ओपरेटर व डी०टी०एच प्रोभाईडर चांदी काट रहे हैं.

वर्तमान समय में उपभोक्ताओं को मज़बूरी में 100 चैनल के नाम पर 153 रुपये देने होंगें, जिसका फायदा सीधे तौर पर केबुल ओपरेटर व डी०टी०एच प्रोभाईडर को मिलेगा. वर्तमान समय में उपभोक्ताओं को मनपसंद का चैनल देखने के लिए 500 रूपये से ज्यादा का बिल देना पड़ रहा है. केबुल ओपरेटर व डी०टी०एच प्रोभाईडर उपभोक्ताओं को मनपसंद चैनल चुनने के नाम पर सीधे पॅकेज थमा रहे है… जिसकी कीमत करीब पहले से दोगुनी या उससे भी अधिक हो रही है.

ट्राई के नये नियम से उपभोक्ता अब मनोरंजन के दुसरे रास्ते तलाशने को मजबूर हैं चुकिं, एक उम्मीद थी कि, मनपसंद चैनल चुनकर सस्ते में मनोरंजन कर सकते हैं लेकिन, हाल ऐसा है कि, लोग अब अपने टेलीविजन सेट को बंद कर एक कोने में रखने को विवश हो रहें हैं. अगर उपभोक्ताओं को टेलीविजन सेट के जरिए मनपसंद चैनल को देखना है तो पहले की अपेक्षा ज्यादा पॉकेट को ढीला करना होगा तभी आप नये नियमानुसार बुद्धू बक्सा के जरिए मनोरंजन कर सकते हैं.