मंत्रिपरिषद की बैठक में 15 एजेंडों पर मुहर लगी…

मंत्रिपरिषद की बैठक में 15 एजेंडों पर मुहर लगी…

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विभिन्न जिलों के 43 पुलिस अनुमंडलों में अपर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के 43 पदों के सृजन की स्वीकृति. फोटो:-पीआरडी, पटना.

बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में अहम् निर्णय लिए गए. बैठक के बाद कैबिनेट विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 15 एजेंडों पर निर्णय लिया गया.

  • कृषि विभाग के अन्तर्गत बागवानी विकास कार्यक्रमों के लिए राज्य स्कीम मद से मुख्यमंत्री बागवानी मिशन योजना के कार्यान्वयन की स्वीकृति तथा चालू वित्तीय वर्ष 2019-20 में 6225.865 लाख रूपये मात्र की निकासी एवं व्यय की स्वीकृति दी गई.
  • ग्रामीण कार्य विभाग के अन्तर्गत बद्री प्रसाद साह, तदेन कार्यपालक अभियंता, ग्रामीण कार्य विभाग, बिहार, पटना सम्प्रति सेवानिवृत को अधिसूचना संख्या-3656 सह-पठित ज्ञापांक-3657 दिनांक -15-12-2016 द्वारा सहायक अभियंता के पद पर अवनति की अधिरोपित शास्ति को निरस्त करते  हुए उनके विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) के तहत पूर्व गठित आरोप पत्र प्रपत्र ‘क’ के आधार पर पुनः विभागीय कार्यवाही संचालित किये जाने के प्रस्ताव पर स्वीकृति दी गई.
  • गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के अन्तर्गत बिहार चौकीदार संवर्ग नियमावली, 2006 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-5 के उपनियम (7) के परंतुक के पश्चात् दो नये उपनियम क्रमशः (8) एवं (9) निम्नवत् जोड़े जाने हेतु बिहार चौकीदार संवर्ग (संशोधन) नियमावली, 2019 गठित किये जाने की स्वीकृति दी गई. इसके तहत चौकीदारों के लिए लघु दंड निलंबनादि का अधिकार आरक्षी अधीक्षक को भी दिया गया है ताकि बेहतर नियंत्रण बना रहे.
  • पंचायती राज विभाग के अन्तर्गत राज्य के 24 जिला मुख्यालयों में रु० 123.5496 करोड़ मात्र की लागत से जिला पंचायत संसाधन केन्द्र (DPRC) भवन के निर्माण एवं शेष 14 अपेक्षाकृत छोटे जिलों में प्रति भवन 04 करोड़ से कम लागत का जिला पंचायत संसाधन केन्द्र (DPRC) के निर्माण की स्वीकृति दी गई.
  • भवन निर्माण विभाग के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2019-20 (दिनांक-31-03-2020 तक) में स्वास्थ्य विभाग से संबंधित भवनों (राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों एवं वर्ष 2010) के बाद बिहार चिकित्सा सेवाएँ एवं आधारभूत संरचना निगम लि० (BMSICL) द्वारा निर्मित भवनों को छोड़कर) का अनुरक्षण एवं रख-रखाव से संबंधित कार्य भवन निर्माण विभाग द्वारा कराये जाने की स्वीकृति दी गई.
  • प्रधान सचिव मंत्रिमंडल ने बताया कि सामान्य प्रशासन विभाग के अन्तर्गत वर्ष 2020 के लिए बिहार सरकार के कार्यालयों में अवकाश और निगोसियेबुल इन्स्टू्रमेंट्स ऐक्ट के अन्तर्गत बिहार राज्य में अवकाश की घोषणा की स्वीकृति, बिहार लोक सेवा आयोग-कार्यालय के लिए सहायक निदेशक, सांख्यिकी का 01 पद सृजित करने की स्वीकृति तथा सामान्य प्रशासन विभाग के ही तहत ‘‘बिहार तकनीकी सेवा आयोग (संशोधन) नियमावली, 2019’’ के गठन एवं तत्संबंधी नियमावली-प्रारूप की स्वीकृति दी गई.
  • गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के अन्तर्गत बेहतर पुलिसिंग के निमित्त बिहार राज्य के विभिन्न जिलों के 43 पुलिस अनुमंडलों में अपर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के 43 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई.
  • निगरानी विभाग के अन्तर्गत विशेष निगरानी इकाई में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो से सेवा निवृत्त अनुबंध पर नियुक्त अरूण कुमार शर्मा, पुलिस अधीक्षक की सेवा अवधि कार्यहित में दिनांक 11-05-2019 से दिनांक 10-05-2021 (70 वर्ष की आयु तक) तक विस्तारित करने की स्वीकृति दी गई.
  • भवन निर्माण विभाग के अंतर्गत GATE Score के आधार पर संविदा नियोजित कुल 44 सहायक अभियंता की नियोजन अवधि को अगले 01 वर्ष अथवा नियमित नियुक्ति होने तक (जो भी पहले हो) के लिए विस्तारित करने की स्वीकृति दी गई.
  • लघु जल संसाधन विभाग, बिहार के अंतर्गत ‘‘जल-जीवन-हरियाली अभियान’’ के क्रियान्वयन हेतु बिहार आकस्मिकता निधि से 100 करोड़ रूपये की अग्रिम स्वीकृति दी गई.
  • पथ निर्माण विभाग के अन्तर्गत ‘‘जवाहर लाल नेहरू मार्ग’’ का नामकरण ‘‘नेहरू पथ’’ किये जाने की स्वीकृति तथा ग्रामीण विकास विभाग के अन्तर्गत जल-जीवन-हरियाली अभियान के संचालन एवं इस पर होने वाले रु० 24524.00 करोड़ के अनुमानित व्यय की स्वीकृति एवं लक्ष्यों के निर्धारण, नियमित अनुश्रवण एवं अभियान को मिशन मोड में लागू करने के लिए जल-जीवन-हरियाली मिशन के गठन की स्वीकृति तथा इस पर होने वाले रु० 23.39 करोड़ अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई.

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के महत्वाकांक्षी जल-जीवन-हरियाली योजना के संदर्भ में सचिव ग्रामीण विकास अरविन्द कुमार चौधरी ने विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि आज कैबिनेट में निर्णीत इस योजना पर तीन वर्षों में 2019-20 में 5870 करोड़, 2020-21 में 9874 करोड़ तथा 2021-22 में 8780 करोड़) कुल 24524 करोड़ रूपये का व्यय अनुमान्य है. उन्होंने इसकी विस्तृत योजना पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इसकी नियमित कार्य प्रणाली हेतु जल-जीवन-हरियाली मिशन गठित होगा. इसके लिए एक राज्यस्तरीय परामर्श दात्री समिति संसदीय कार्य मंत्री की अध्यक्षता में कार्य करेगी, जिसमें विधान सभा अध्यक्ष द्वारा मनोनीत 15 तथा विधान परिषद् सभापति द्वारा मनोनीत 05 सदस्य रहेंगे. विभिन्न विभागों के विभागध्यक्ष भी इसके सदस्य होंगे तथा प्रधान सचिव/सचिव ग्रामीण विकास इसके सदस्य सचिव होंगे. मिशन के घटकों में सार्वजनिक जल संरचनाओं अर्थात् पोखर, तालाब, आहर, पईन इत्यादि जल संचयन रचनाओं को इस तरह से अतिक्रमणमुक्त कराया जायेगा कि इनलेट प्रभावित न हो. साथ ही उक्त जल संरचाओं सहित कुँओं का भी जीर्णोद्धार कराया जायेगा. इसके लिए मापदंड तय किये गये हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में एक एकड़ से छोटे क्षेत्रों का मनरेगा द्वारा इससे बड़े क्षेत्रों का लघु जल संसाधन द्वारा काम कराया जायेगा तथा शहरों में नगर विकास विभाग इन कार्यों को करायेगी। जिलों में डीडीसी की अध्यक्षता में तकनीकी समिति काम करेगी जो चेक डैम वीयर आदि की जरूरतों को चिन्ह्ति करेगा. ग्रामीण विकास सचिव चौधरी ने बताया कि जल-जीवन-हरियाली बहुत बड़ी परियोजना है, जिसमें कई विभागों का दायित्व है.आवश्यकतानुसार पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, पर्यावरण वन जलवायु परिवर्तन विभाग, भवन निर्माण विभाग, ऊर्जा विभाग आदि को उनके दायित्व सौंपे गये हैं.

इस दौरान नगर विकास विभाग के प्रधान सचिवचैतन्य प्रसाद ने बहुप्रतीक्षित मेट्रो रेल परियोजना के बारे में जानकारी दी कि आज माननीय मुख्यमंत्री की उपस्थिति में पटना रेल परियोजना के डिपोजिट टर्म पर कार्यान्वयन का एकरारनामा पटना मेट्रो रेल कॉरपोरेषन लिमिटेड एवं दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेषन के बीच सम्पन्न हुआ.