भीषण गर्मी एवं लू से बचने के उपायों पर निर्देश…

भीषण गर्मी एवं लू से बचने के उपायों पर निर्देश…

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लू की पूर्व चेतावनी एवं इसकी सूचना प्राप्त कर भीषण गर्मी एवं लू से बचने के उपाय से संबंधित कार्रवाई करने के लिए संबंधित विभाग को दिशानिर्देश दिया गया है. फोटो :-जेपी

सोमवार को प्रत्यय अमृत प्रधान सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के स्थानीय इकाई से लू की पूर्व चेतावनी एवं इसकी सूचना प्राप्त कर भीषण गर्मी एवं लू से बचने के उपाय से संबंधित कार्रवाई करने के लिए संबंधित विभाग को दिशानिर्देश दिया गया है साथ ही, लू की पूर्व चेतावनी आम जनता को टीवी, रेडियो, प्रिंट मीडिया, प्रेस विज्ञप्ति एवं Bulk SMS आदि के माध्यम से आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा दी जायेगी.

प्रधान सचिव ने बताया कि नगर विकास एवं आवास विभाग को शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक जगहों पर स्थानीय निकायों द्वारा पियाऊ की व्यवस्था सुनिश्चित करने, इन स्थानों पर गर्म हवाओं एवं लू से बचाव से संबंधित सूचनाओं को भी प्रदर्शित करने, अपने क्षेत्राधिकार के अन्तर्गत खराब चापाकलों का मरम्मत युद्ध स्तर पर कराने एवं नगरीय क्षेत्र में अवस्थित आश्रय स्थलों में पेय जल तथा आकस्मिक दवाओं की व्यवस्था स्लम के निवासियों हेतु करने का सुझाव दिया गया है.

उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों / रेफरल अस्पतालों / सदर अस्पतालों / अनुमंडलीय अस्पतालों / मेडिकल कॉलेजों में लू से प्रभावितों के ईलाज हेतु विशेष व्यवस्था करने, सभी स्वास्थ्य केन्द्रों एवं अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में ओ०आर०एस० पैकेट, आईभी फ्लूड एवं जीवन रक्षक दवा इत्यादि की व्यवस्था रखने, अत्यधिक गर्मी से पीड़ित व्यक्तियों के ईलाज हेतु आवश्यकतानुसार अस्पतालों में आईसोलेशन वार्ड की व्यवस्था कर ली जानी चाहिए एवं लू से पीड़ित बच्चों, बूढ़ों, गर्भवती महिलाओं तथा गम्भीर रूप से बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखने, आवश्यकतानुसार प्रभावित जगह हेतु स्टैटिक / चलन्त चिकित्सा दल की भी व्यवस्था करने, गर्म हवाओं / लू से बचाव के उपाय से संबंधित IEC सामग्री, स्थानीय स्तर पर मुद्रित कर पम्पलेट / पोस्टर के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराने का सुझाव दिया गया है.

प्रधान सचिव ने बताया कि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को खराब चापाकलों की मरम्मत युद्ध स्तर पर करने, जिन स्थानों पर नल का जल नहीं पहुँचता हो एवं चापाकलों में पानी की कमी हो गयी हो, वहाँ आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा पेयजल संकट से निबटने हेतु निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया के अनुसार टैंकरों के माध्यम से पेयजल पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने, भूगर्भ जल स्तर की लगातार समीक्षा करने एवं इस पर सतत् निगरानी रखने का सुझाव दिया गया है.

उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग को स्कूली बच्चों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए विद्यालय या तो सुबह की पाली में संचालित करने अथवा गर्मी की छुटियाँ निर्धारित समय से पूर्व घोषित करने, गर्मी की स्थिति को देखते हुए स्कूलों को अल्प अवधि के लिए बन्द करने, सभी स्कूलों एवं परीक्षा केन्द्रों में पेयजल, ओआरएस की व्यवस्था रखने, गर्म हवाओं / लू से बचाव के उपाय से संबंधित IEC सामग्री, स्थानीय स्तर पर मुद्रित कर पम्पलेट / पोस्टर के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराने का सुझाव दिया गया है.

प्रधान सचिव ने बताया कि समाज कल्याण विभाग को सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पेयजल की समुचित व्यवस्था कराने, वहां पर गर्म हवाओं एवं लू से बचाव से संबंधित IEC सामग्री प्रदर्शित कर जनता को जागरूक करने, स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आंगनबाड़ी केन्द्रों पर जीवनरक्षक घोल की व्यवस्था रखने, नवजात शिशु, बच्चों, धातृ एवं गर्भवती महिलाओं के लिए स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से विशेष चिकित्सा सुविधा की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है.

प्रधान सचिव ने बताया कि पंचायती राज विभाग को विभाग के द्वारा पंचायतों में लू चलने के दौरान ‘‘क्या करें क्या न करें’’ का प्रचार-प्रसार कराने, गांवों में पेयजल की व्यवस्था हेतु पंचायतों को कार्य योजना बनाने तथा जल संरक्षण की योजना पर कार्य करने का सुझाव दिया गया है. श्रम संसाधन विभाग को लू से बचाव हेतु मजदूरों के कार्य अवधि को लचीला करने, लू चलने पर कार्य अवधि को सुबह 6:00 बजे से 11:00 बजे तक तथा अपराह्न 3:30 बजे से 6:30 बजे तक निर्धारित करने, कार्य स्थल पर पेयजल की व्यवस्था, लू लगने पर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था, खुले में काम करने वाले, भवन बनाने वाले तथा कल-कारखानों में काम करने वाले मजदूरों के लिए पेयजल, आईस पैड की व्यवस्थ, शेड की व्यवस्था, तथा लू से बचाव हेतु औद्योगिक मजदूरों एवं अन्य मजदूरों के बीच जागरूकता कैम्प लगाने का सुझाव दिया गया है.

उन्होंने बताया कि परिवहन विभाग को लू चलने की अवधि में जहाँ तक संभव हो वाहनों का परिचालन कम से कम करने, पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियों के परिचालन को नियंत्रित करने, सार्वजनिक परिवहन की गाड़ियों में पेयजल, ओ०आर०एस० तथा प्राथमिक उपचार की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है. ऊर्जा विभाग को निर्बाध बिजली की आपूर्ति की व्यवस्था करने तथा प्रायः बिजली के तारों के ढीला रहने के कारण हवा चलने पर आपस में टकराते रहने चिनगारी निकलने की संभावना रहती है इन चिनगारियों के कारण भी आगलगी की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए बिजली के ढ़ीले तारों को ठीक करवाने का सुझाव दिया गया है.

प्रधान सचिव ने बताया कि पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को गर्मियों के दिनों में वन्य जीव उद्यानों तथा अभयारण्यों में पानी की व्यवस्था करने, उद्यानों में जानवरों के पिंजड़ों को ठंडा रखने, अभयारण्यों में गड्ढ़े खोदकर वन्य जीवों के लिए जल व्यवस्था करने, पर्यटन स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था तथा पर्यटकों के लिए एडभाईजरी निर्गत करने का सुझाव दिया गया है. राज्य अग्निशमन निदेशालय को आगलगी की घटनाओं से निबटने एवं उनकी रोकथाम के लिए एतद् विषयक विभागीय मानक संचालन प्रक्रियानुसार कार्रवाई करने, सूचना प्रावैधिकी विभाग को राज्य एवं जिला स्तर पर मॉनेटरिंग के लिए डैशबोर्ड / इन्टरफेस बनाने तथा इसके माध्यम से बल्क एस०एम०एस० भेजने की व्यवस्था करने का सुझाव दिया गया है.

उन्होंने बताया कि गर्म हवाओं / लू से बचाव हेतु ‘‘क्या करें, क्या न करें’’ को जिला स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर जन सामान्य के बीच प्रचारित करने, Heat Wave Action Plan के तहत संबंधित कार्यालयों / निकायों को Sunstrok से बचने हेतु आवश्यक कार्रवाई करने तथा समय-समय पर लू-जनित बीमारियों एवं उनकी गंभीरता से लोगों को अवगत कराने हेतु प्रेस कॉन्फ्रेंस करने एवं सार्वजनिक जगहों पर पेयजल की व्यवस्था करने का निदेश दिया गया है.

प्रधान सचिव ने बताया कि सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग को गर्म हवाओं / लू से बचाव के उपाय से संबंधित विज्ञापन, जिंगल, राज्य के एफ०एम० एवं आकाशवाणी के रेडियो चैनलों, सोशल मीडिया यथा – फेसबुक, ब्हाट्सएप एवं ट्यूटर के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराने का सुझाव दिया गया है.