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ब्लैक हेड…

पिछले अंक में मुंहासे (Pimples) के बारे में जाना था इस कड़ी में हम लोग बात करते हैं “ब्लैक हेड”. आखिर ब्लैक हेड है क्या? बताते चलें कि, ब्लैक हेड की परेशानी लगभग सभी को होती है. खासकर यौवन काल में प्रवेश करते समय। चेहरे पर छोटे छोटे काले दाने नजर आते है.यह छूने पर कड़क महसूस होते है और हल्का सा कुचरने से एक दाना सा निकलता है जो अंदर से मटमैले रंग का होता है. यह बाहर से काले रंग नजर आता है. इसे ही ब्लैक हेड कहा जाता है.

हमारी त्वचा और बालों को रूखेपन से बचाने के लिए रोम छिद्र में सीबेशस ग्रंथिया होती है. इन ग्रंथियों से सीबम नामक तेलीय पदार्थ निकलता है जो हमारे शरीर पर मौजूद बाल और त्वचा को मोइश्चर देने का काम करता है. इससे त्वचा कोमल , नम बनी रहती है और ग्लो बना रहता है . यह सीबम फैटी एसिड , कोलेस्ट्रॉल , ट्राई ग्लिसराइड्स आदि अवयवों से बना होता है. सीबम से त्वचा की रक्षा होती है. जब यह सीबम अधिक मात्रा में बनता है और रोम छिद्र बड़ा होता है तो यह त्वचा के रोम छिद्र में इकठ्ठा हो कर त्वचा की मृत कोशिका के साथ मिलकर कई प्रकार की परेशानी भी पैदा करता है. जब यह सीबम त्वचा के बाहर निकलता है तो ऑक्सिडेशन के कारण यह काला पड़ जाता है. जो ब्लैक हेड के रूप में नजर आता है.  यदि यह रोम छिद्र बारीक़ होने के कारण त्वचा के बाहर नहीं निकलता अंदर ही इकठ्ठा हो जाता है तब यह व्हाइट हेड के रूप में नजर आता है. ब्लैक हेड  चेहरे पर अधिक होते है। इसके अलावा गर्दन और छाती पर भी हो सकते है. क्योकि चेहरे , गर्दन और छाती पर रोम छिद्र तथा सीबेशस ग्रन्थियां दूसरी जगह की अपेक्षा कई गुना अधिक होते हैं.

कारण:-

  • अधिक मात्रा में कॉस्मेटिक्स का यूज़ ब्लैक हेड बनने का कारण बन सकता है.
  • किसी बीमारी या किसी दवा के कारण कोशिकाओं बनने व मिटने की गति में परिवर्तन हो सकता है। इससे ब्लैक हेड बनने लगते है.
  • अधिक पसीना या अधिक नमी के कारण ब्लैक हेड बन सकते है.
  • महिलाओं को गर्भावस्था में या मासिक धर्म के समय भी यह समस्या बढ़ सकती है.

उपाय:-

  • मुल्तानी मिट्टी :- मुल्तानी मिट्टी का लेप चेहरे पर लगाना चाहिए (इसके लेप लगाने से चेहरे की रोम छिद्र से तेलीय पदार्थ तथा मैल आदि को सोख कर उसे साफ कर देती है साथ ही मिट्टी ब्लैक हेड को बाहर निकाल देती है). इस लेप से त्वचा में रक्त संचार भी बढ़ता है जो त्वचा को सुंदर बनाता है.
  • दूध और शहद :- दूध और शहद दोनों ही त्वचा के लिए बहुत फायदेंमंद होता है.ज्ञात है कि, शहद में एंटी बेक्टिरियल गुण होते है तथा दूध से त्वचा मुलायम और लचीली बनती है. ब्लैक हेड हटाने के लिए एक चम्मच शहद और एक चम्मच दूध मिलाकर हल्का सा गुनगुना कर लें. अब इसके ऊपर रुई की एक पतली परत दबाकर चिपका दें और बीस मिनट तक सूखने दें. इसके बाद ध्यान से रुई की परत को निकाल कर चेहरे को अच्छी तरह से साफ़ कर मोइस्चराईजर लगाना चाहिए. इस प्रक्रिया को कुछ दिन नियमित करने से ब्लैक हेड निकल जाते हैं.
  • शहद और दालचीनी :- शहद और दालचीनी में एंटी बेक्टिरियल तत्व होते है. दालचीनी रक्तसंचार बढ़ाने में मदद करती है जबकि, शहद त्वचा कोमल और चमकदार बनती है. ब्लैक हेड हटाने के लिए एक चम्मच शहद और चौथाई चम्मच बारीक दालचीनी पाउडर मिलाकर एक पतली परत ब्लैक हेड वाली जगह पर लगा लें. इसके ऊपर रुई की एक पतली परत दबा कर लगाकर दस पंद्रह मिनट के बाद इसे ध्यान पूर्वक निकाल कर चेहरे को अच्छी तरह से साफ़ कर मोइस्चराईजर लगाना चाहिए. इस प्रक्रिया को कुछ दिन नियमित करने से ब्लैक हेड निकल जाते हैं.
  • ब्लैक हेड स्ट्रिप :- बाजार में मिलने वाली ब्लैक हेड स्ट्रिप कपड़े पर चिपकने वाला पदार्थ लगा कर बनाई जाती है. इसे त्वचा पर लगा कर उतारते है तो साथ में ब्लैक हेड इससे चिपक कर बाहर आ जाते है. बाजार में मिलने वाली ब्लैक हेड स्ट्रिप की जगह घर पर ही इसके कई विकल्प मिल सकते है.
  • पसीना :- पसीना आने जितना फायदामंद होता है लेकिन इससे कहीं ज्यादा नुकसान भी हो सकता है. पसीना आने से रोम छिद्र की सफाई हो जाती है लेकिन यदि पानी से धोकर सफाई नहीं की जाये तो पसीना जम कर नुकसान पैदा कर सकता है. अतः पसीना आने के तुरंत बाद चेहरे को धोना ब्लैक हेड मिटाने में मददगार हो सकता है.

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