बिहार राज्य बाल कल्याण परिषद् द्वारा आयोजित ‘बाल दिवस समारोह-2019’ में बाल-कलाकारों...

बिहार राज्य बाल कल्याण परिषद् द्वारा आयोजित ‘बाल दिवस समारोह-2019’ में बाल-कलाकारों को राज्यपाल ने पुरस्कृत किया…

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बच्चों को बचपन में ही माता-पिता अगर अच्छा संस्कार देते हैं, अच्छी शिक्षा देते हैं तो उनमें उच्च नैतिक मूल्यों का विकास होता है और वे देश को मजबूत और समृद्ध बनाने के लिए संकल्पित होते हैं. फोटो:-पीआरडी, पटना.

गुरुवार को राजभवन परिसर स्थित राजेन्द्र मंडप में बिहार राज्य बाल कल्याण परिषद् द्वारा आयोजित ‘बाल दिवस समारोह-2019’ में महामहिम राज्यपाल फागु चौहान ने बाल कलाकारों को पुरस्कृत करने के बाद कहा कि ‘‘आज हमारा देश जब पुनः ‘विश्वगुरू’ बनने की ओर तेजी से अग्रसर है, राष्ट्र के भविष्य बच्चों को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य-सुविधा और कौशल-विकास के अच्छे अवसर उपलब्ध कराना सरकार, अभिभावक और सभी संबंधित संस्थाओं का दायित्व है.’’ समारोह भारत के प्रथम प्रधानमंत्री स्व० पं० जवाहर लाल नेहरू की जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था. समारोह में राज्यपाल चौहान ने स्व० पंडित नेहरू की तस्वीर पर माल्यार्पण किया एवं दीप-प्रज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया. उद्घाटन-कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा सहित राजभवन तथा बिहार राज्य बाल कल्याण परिषद् के अधिकारी भी उपस्थित थे.

राज्यपाल चौहान ने कहा कि बच्चों को बचपन में ही माता-पिता अगर अच्छा संस्कार देते हैं, अच्छी शिक्षा देते हैं तो उनमें उच्च नैतिक मूल्यों का विकास होता है और वे देश को मजबूत और समृद्ध बनाने के लिए संकल्पित होते हैं. समारोह में बोलते हुए राज्यपाल चौहान ने कहा कि किसी रोते हुए या नाराज बच्चे के चेहरे पर मुस्कान लाकर जितना शकून और संतोष किसी व्यक्ति को मिलता है, वह पूजा और इबादत से मिली शांति से किसी मायने में कम नही होता. इस क्रम में उन्होंने प्रसिद्ध शायर निदा फाजली के एक शेर को भी उद्धृत किया. आज जब हम बच्चों को हँसते-खेलते, गाते-मुस्कुराते और अपनी कला का प्रदर्शन करते देखते हैं तो हमें बेहद खुशी और शांति मिलती है तथा गौरव-बोध होता है.

कार्यक्रम में राज्यपाल चौहान ने समारोह में ‘सांस्कृतिक कार्यक्रम’ में भाग लेने वाले इंटरनेशनल हाईस्कूल पटना, बाल्डवीन एकेडमी पटना, राजकीय कन्या मध्य विद्यालय राजभवन तथा किलकारी, पटना को 10-10 हजार रूपये राजभवन की ओर से पारितोषिक स्वरूप देने की घोषणा की.

राज्यपाल चौहान ने भारतीय बाल कल्याण परिषद् द्वारा आयोजित ‘राष्ट्रीय चित्रांकन प्रतियोगिता’ के लिए चयनित बाल चित्रकारों को भी प्रमाण-पत्र एवं ट्रॉफी प्रदान कर पुरस्कृत किया. राज्यपाल ने बच्चों के साथ तस्वीरें भी खिंचवाई एवं उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की.

‘बाल-दिवस’ के अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में इंटरनेशनल हाईस्कूल के बाल-कलाकारों ने ‘भारत की नई सुबह’ नामक एक नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की. ‘किलकारी, पटना द्वारा भी ‘दयालु सिद्धार्थ’ नामक एक भावपूर्ण नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की गई. राजकीय कन्या मध्य विद्यालय, राजभवन के बाल-कलाकारों द्वारा ‘स्वच्छ सोच-स्वच्छ भारत की ओर’ नामक एक लघु नाटिका प्रस्तुत की गई जिसके जरिये बच्चों ने ‘स्वच्छता के संदेश’ को अत्यन्त प्रेरक रूप से प्रस्तुत किया. बाल्डवीन एकेडमी बोरिंग रोड, पटना द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के ‘नमक सत्याग्रह’ के आन्दोलन को लघु नाटिका द्वारा प्रस्तुत किया गया तथा गाँधीजी के ‘150वें जयंती वर्ष’ में उनका सादर स्मरण किया गया.

राष्ट्रीय चित्रांकन प्रतियोगिता के लिए सामान्य एवं दिव्यांग वर्ग के विभिन्न उम्र-समूहों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए टेरेसा राधा रानी (संत माइकेल हाई स्कूल), सार्थक सिंह सागर (सेंट केरेंस हाई स्कूल), यशस्विनी (आशा स्कूल, दानापुर कैन्ट), रवि कुमार (आशादीप, दीघा), मोहित कुमार (आशादीप), विशाल कुमार (डे केयर स्कूल), महावीर कुमार (आशादीप) तथा रानू प्रिया (आशादीप) आदि को प्रमाण-पत्र एवं ट्रॉफी देकर पुरस्कृत किया गया.