बिजनेस फाइनेंस एवं भारतीय अर्थव्यवस्था पर व्यखयान…

बिजनेस फाइनेंस एवं भारतीय अर्थव्यवस्था पर व्यखयान…

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आर्थिक विकास में वित्तीय संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.

गुरुवार को कालेज आफ कामर्स,आर्ट्स एण्ड साइन्स (पटना) में एम.सी.ए विभाग द्वारा बिजनेस फाइनेंस एवं भारतीय अर्थव्यवस्था पर प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ०) तपन कुमार शांडिल्य ने व्यखयान देते हुये कहा कि कोविड 19 के उपरांत भारतीय अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए केंद्र सरकार ने रेपों रेट को कम करते हुए आर्थिक पैकेज दिया है.

अर्थशास्त्री प्रोफेसर शांडिल्य ने कहा कि रोजगार बढाने के लिए स्टार्टअप, बैंक ब्याज दर में भी कमी किया गया है. उन्होने कहा कि, आर्थिक विकास में वित्तीय संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है उदाहरण तौर पर बैंक. कोविड 19 के दौर में रिजर्व बैंक ने ब्याज दर में कमी कर अर्थव्यवस्था में मुद्रा प्रवाह को रोक कर मांग एवं पूर्ति चेन को बैलेंस करने की एक सीमा तक सफल भी है. उन्होने कहा कि कोविड 19 विभिन्न वित्तीय संस्थानों में भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए कई अस्त्रों का प्रयोग किया है.

अर्थशास्त्री शांडिल्य ने कहा कि वित्तीय संस्थाओं देश के अर्थव्यवस्था को संतुलित बनाने, बेरोजगारी दूर करने, व्यापार को बढ़ावा देने के लिए स्टार्ट-उप को बनाए रखने, पेपर का चलन, प्रतिभूतियों आदि के सहायक से तरलता को बढ़ाने के लिए प्रमुख  कार्य करती है. वहीं, एमसीए समन्वयक डॉ० विजय कुमार ने कहा कि कोविड 19 के कारण सेवा क्षेत्र, व्यापार, मौद्रिक नीति,पूँजी सृजन की आवश्यकता है। उन्होने कहा कि, प्राचार्य  के द्वारा नियमित रूप से एमसीए मे वर्ग लेने के लिए सहमति दी हैं. इस प्रकार प्राचार्य के प्रशासनिक कार्य के अतिरिक्त शिक्षक की भूमिका मे शिक्षण कार्य करना छात्र एवं छात्राएँ को प्रेरित करना एक सराहनीय कदम है.

इस अवसर पर कामर्स के प्रोफेसर डॉ० राम उद्देश्य सिंह, फैकल्टी सदस्य मनोज कुमार, जितेन्द्र कुमार सहित छात्र एवं छात्राएँ सम्मिलित हुए.