बदल गया किलोगाम मापने का तरीका…

बदल गया किलोगाम मापने का तरीका…

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इससे पहले एक किलोग्राम की माप प्लेटीनियम-इरीडियम के अलॉय से बने एक सिलिंडर के द्रव्यमान से तय होती थी. फोटो:-गूगल.

जिस तरह प्रकृति में बदलाब होते हैं उसी प्रकार मानव अपनी जीवन शैली में बदलाब करता रहता है. सालों पहले मानव किसी वस्तु की माप या वजन करने के लिए कई तरीकों का प्रयोग करते थे जैसे समान के बदले समान या गिनती के आधार पर…धीरे-धीरे मानव अपनी जरूरतों के हिसाब से वजन के कई तरीके ईजाद किये गये उनमे में से एक मीट्रिक प्रणाली (मीटर, किलोग्राम) है. आज कोई भी व्यक्ति किसी समान को लेने जाता है तो वो कहता है “ वस्तु या समान एक किलोग्राम  दें “

वैज्ञानिकों ने किलोग्राम मापने के तरीकों में बदलाव किया गया है. इससे पहले एक किलोग्राम की माप प्लेटीनियम-इरीडियम के अलॉय से बने एक सिलिंडर के द्रव्यमान से तय होती रही है. यह सिलिंडर पेरिस स्थित अंतरराष्ट्रीय मानक संस्थान में रखा हुआ है जिसे ‘ला ग्रांड के’ नाम से भी जानते हैं. काफी समय से वैज्ञानिक इस बात पर विचार कर रहें थे कि, जिस तरह से प्रदूषण बढ़ता जा रहा है तो पेरिस में रखे वजन मापक सिलेंडर पर क्या असर पड़ा होगा.

ज्ञात है कि, पेरिस के वर्साइल्स में ‘वेट एंड मेजर्स’ पर एक बड़ा सम्मलेन आयोजित किया गया था जिसमें कई वैज्ञानिकों ने हिस्सा लिया और किलोग्राम की परिभाषा बदलने के लिए वोट किया गया जिसके बाद फैसला लिया गया कि किलोग्राम को यांत्रिक और विद्युत चुम्बकीय ऊर्जा के आधार पर परिभाषित किया जाए. आने वाले साल 20 मई 2019 से किलोग्राम मापने की नई परिभाषा लागू हो जाएगी और अब किलोग्राम को एक बेहद छोटे मगर अचल भार के जरिए परिभाषित किया जाएगा. नई परिभाषा के अनुसार. मापने का काम किब्बल नाम का एक तराजू करेगा जिसमे “प्लैंक कॉन्स्टेंट” के आधार पर तय किया जाएगा.

बताते चलें कि, अंतरराष्ट्रीय मात्रक प्रणाली में सात बेसिक यूनिट्स में से एक किलोग्राम भी है. उनमें से एंपियर, केल्विन, मोल और किलोग्राम अंतिम एसआई बेस यूनिट है और वर्तमान समय तक  एक फ़िज़ीकल ऑब्ज़ेक्ट द्वारा परिभाषित किया जाता है. क्वांटम फिजिक्स में प्लैंक कॉन्स्टेंट को ऊर्जा और फोटॉन जैसे कणों की आवृत्ति के बीच संबंध से तैयार किया जाता है. आने वाले दिनों में किलोग्राम को किब्बल या वाट बैलेंस का उपयोग करके मापा जाएगा.