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फंगल इन्फेक्शन…

देश में मौनसून अपने शबाव पर चल रहा है. इस मौसम में वर्षा के पानी में धुल व  मिटटी मिल जाने से कीचड़ बनता है तथा सड़क पर मौजूद और भी कई प्रकार की गंद्गीयों के मिल जाने से पानी में कई प्रकार के जीवाणु उत्पन्न हो जाते हैं. इस मौसम में चारों तरफ पानी –पानी होता है चाहे वो सड़क हों या गलियाँ सभी तरफ पानी से लबालब गलियाँ होती है. मानसून सीजन के दौरान कीचड़ से सने रास्ते, पानी से भरे गलियों व आद्रता भर ठंडे मौसम के कारण पैरों को काफी परेशानी होती है चुकि इस मौसम में आप भींगे पाँव कई घंटों तक बाहर रहते है इस कारण आपको कई प्रकार की फंगल इन्फेक्शन से रूबरू होना पड़ता है. इस दौरान आपके पैरों में लाल-लाल दाने, खुजली होना या चकते पड़ जाना इस तरह की समस्याओं से परेशान होना पड़ता है.

मौनसून के सीजन में होने वाली परेशानियां आम होती है अगर आप इस फंगल इन्फेक्शन से परेशान हो तो, घबराए नहीं कुछ घरेलू उपचार व सावधानियां बरते तो आप इस परेशानी से मुक्ति पा सकते हैं.

  • बरसात के मौसम में फूट वियर पर ध्यान जरुर दे. इस मौसम में जुते ना पहने, अगर आपको जुते पहनना ही पड़े तो जुते के अंदर टेलकम पाउडर का प्रयोग अवश्य करें.
  • बरसात के मौसम स्लीपर या खुले सैंडल का प्रयोग करना चाहिए, यह आपके पैरों के लिए ज्यादा उपयोगी साबित हो सकता है. बताते चलें कि, स्लीपर या खुले सैंडल पहनने से पैरों में हवा लगती रहती है और पानी सूखने में मदद मिलती है.
  • जब भी आप बाहर से आएं तो आप सर्वप्रथम आप अपने पैरों को अच्छी तरह से साफ़ करें, उसके बाद आधी बाल्टी में पानी ले लें, उसके बाद उसमे 10-20 बूंद निम्बू या संतरे का रस डालकर उसे मिला लें, उसके बाद उस मिश्रण पानी में अपने पैरों को कुछ देर तक डाल कर रखे, कुछ समय के बाद साफ़ पानी से धो लें और साफ़ धुले हुए तौलिये से अच्छी तरह से पानी सुखा लें.
  • अब सूखे पैर में घर पर बने फूट लोशन क्रीम को लगाएं, करीब आधे घंटे बाद उसे साफ़ पानी से धो लें.

फूट लोशन बनाने की विधि :-

03 चम्मच गुलाब जल, 02 चम्मच नींबू का रस और एक चम्मच ग्लिसरीन. इन तीनों को आपस में अच्छी तरह से मिला ले. आपका फूट लोशन तैयार है.

  • इसके बाद आप अपने पैरों में कुलिंग मसाज आयल का प्रयोग प्रतिदिन करें, इससे आपके पैरों को ठंडक मिलगी और आपके पैर मुलायम व खूबसूरत होंगें.

बारिश के मौसम में पैरों या हाथों में आमतौर पर फंगल इन्फेक्शन का खतरा बना रहता है, अगर आप को इस तरह की परेशानी ज्यादा हो रही हो तो आप तुरंत डॉक्टर से मिलें.

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