पड़ोसी देश नेपाल ने भारतीय मुद्रा के प्रचलन पर रोक….

पड़ोसी देश नेपाल ने भारतीय मुद्रा के प्रचलन पर रोक….

18
0
SHARE
भारतीय मुद्रा के बड़े नोटों को रखने व इस्तेमाल नहीं करने का निर्णय किया है. फोटो:-गूगल.

पड़ोसी देश नेपाल और भूटान में वहां की अपनी मुद्रा के साथ-साथ भारतीय मुद्रा का चलन आमतौर पर होता था. लेकिन, दो साल पहले भारत में नोटबंदी के बाद नेपाल में भारतीय मुद्रा के पुराने नोट नेपाल के कई बैंकों में फंस गए थे जो अब तक वापस नहीं हो सके. इस समस्या से परेशान नेपाल सरकार ने भारतीय मुद्रा के चलन पर रोक लगा दी है.

बतातें चलें कि, 08 नवंबर 2016 को भारत सरकार ने 500 और 1000 रूपये के नोटों पर बैन लगा दिया था. ज्ञात है कि, नोटबंदी के बाद नेपाल के कई बड़े बैंकों में भारतीय मुद्रा के पुराने नोट फंसे पड़े हैं जिससे नेपाल सरकार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. इस परशानी से निपटने के लिए नेपाल सरकार ने भारतीय नोटों के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है. अब वहां 200,500 और 2,000 रूपये के भारतीय नोटों का इस्तेमाल लेनदेन में नहीं हो सकेगा. जिसके कारण वहां जाने वाले भारतीय पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है.

नेपाल के सूचना एवं संचार मंत्री ने कहा है कि, 100 रुपये से अधिक मूल्य का भारतीय नोट ना रखें. क्योंकि सरकार ने उन्हें यहां कानूनी मान्यता नहीं दी है. नेपाल के सूचना एवं संचार मंत्री ने कहा कि, भारतीय मुद्रा के बड़े नोटों को रखने व इस्तेमाल नहीं करने का निर्णय किया है. सरकार जल्द ही इस मामले में एक आधिकारिक नोटिस देगी. वहीं, काठमांडू पोस्ट (नेपाली अखबार) के अनुसार, सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अब 100, 200, 500 और 2,000 रुपये का नोट ना रखें.

नेपाल सरकार का फैसला ऐसे समय में आया जब नेपाल वर्ष 2020 में ‘विजिट नेपाल ईयर’ मनाने की तैयारी कर रहा है. विजिट नेपाल ईयर’ में अनुमानत: करीब 20 लाख से अधिक लोग नेपाल जाएंगें, जिसमें बड़ी संख्या भारतीयों की होगी. नेपाल सरकार के इस फैसले का सबसे ज्यादा असर भारत में काम कर रहे नेपाली मजदूरों और पर्यटकों पर पड़ेगा.