प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ किसानों की हित-रक्षा एवं सम्मान की योजना...

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ किसानों की हित-रक्षा एवं सम्मान की योजना है:- राज्यपाल लाल जी टंडन

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जो विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय ‘नैक-मूल्यांकन’ में अपेक्षित अभिरूचि नहीं लेंगे, उनकी प्रगति रूक जायेगी और उन्हें विभिन्न माध्यमों से समुचित वित्तीय सहयोग नहीं मिल पाएगा. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

रविवार को राज्यपाल लाल जी टंडन ने बिहार कृषि प्रबंधन एवं प्रसार प्रशिक्षण संस्थान (बामेति) के सभागार में आयोजित ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के शुभारंभ समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि, ‘केन्द्र एवं राज्य सरकार किसानां की हित-रक्षा में पूरी तरह तत्पर है. भारत सरकार द्वारा शुरू की जा रही ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ किसानों का सम्मान बढ़ानेवाली योजना है, यह उनपर सरकार का कोई एहसान नहीं”.

राज्यपाल टंडन ने कहा कि, ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के कार्यान्वयन में प्रक्रियागत सहजता बरती गई है तथा इस बात का पूरा ख्याल रखा गया है कि बिचौलियों की वजह इसमें किसी तरह का भ्रष्टाचार नहीं पनप पाए. उन्होंने कहा कि, आज देश के नेतृत्व ने भ्रष्टाचार के विरूद्ध कठोर अभियान छेड़ रखा है. आज यह स्थिति नहीं है कि ऊपर से चलनेवाली सहायता-राशि नीचे लाभुकों तक पहुँचने में बिचौलियों के दुराचरण के कारण अत्यल्प हो जाए। आज भ्रष्टाचारियों की गर्दन पकड़ में है और वे गरीबों तक कल्याणकारी योजनाओं की राशि पहुँच पाने में बाधक नहीं हो पा रहे.

राज्यपाल टंडन ने कहा कि, आज ही बटन दबाते डिजिटली लाभुक किसानों के खाते में डिजिटली दो हजार रूपये की सम्मान राशि स्वतः अंतरिम होकर आ जाएगी. किसानों को इसके लिए कहीं भटकना नहीं पड़ेगा.

राज्यपाल टंडन ने कहा कि, आज सीमा पर तनाव के बावजूद विकास-कार्यों को बाधित नहीं होने दिया गया है और माननीय प्रधानमंत्री लगातार विकास-योजनाओं का शिलान्यास / उद्घाटन शुभारंभ कर रहे हैं. यह इस बात का प्रतीक है कि स्वाभिमान की रक्षा में तत्पर रहते हुए हम विकास के पथ पर भी सतत् आगे बढ़ते रहेंगे. उन्होंने कहा कि, आज शुरू हो रही सम्मान योजना की बदौलत लघु एवं सीमांत किसान अपनी छोटी-छोटी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए अब महाजनों के चंगुल में फँसने से बच सकेंगे.

राज्यपाल टंडन ने कहा कि, कर्ज-माफी किसानां की समस्या का वास्तविक समाधान नहीं है, इससे कृषि-जगत् की ही विकास योजनाएँ कुप्रभावित होती हैं. उन्होंने कहा कि, किसानों की माली हालत-सुधार की दिशा में धीरे-धीरे जो स्थिति बन रही है, उससे वह दिन अब दूर नहीं जब किसान ऋण नहीं लेंगे, बल्कि समाज के अन्य वर्गों की आर्थिक मदद करने की स्थिति में होंगे. उन्होंने कहा कि, हमें यह प्रयास करना चाहिए कि किसानों को कर्ज लेने की नौबत ही नहीं आए. उन्होंने कहा कि, आज उद्घाटित हो रही योजना इसी दिशा में एक ठोस सार्थक पहल है.

राज्यपाल टंडन ने कहा कि, कृषि और किसानों के हित में काफी सकारात्मक अनुशंसाएँ करनेवाले कृषि वैज्ञानिक डॉ० स्वामीनाथन भी आज यह स्वीकार कर रहे हैं कि मौजूदा भारत सरकार उनकी अनुशंसित योजनाओं के कार्यान्वयन पर तेजी से अमल कर रही है. उन्होंने कहा कि, आज समाज के हर वर्ग के लोग भारत सरकार की योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं. बिजली घर-घर पहुँच गई, पक्के मकान सभी गरीबों के लिए बन गए, सबके लिए शौचालय बन रहे. उन्होंने कहा कि, जैविक खेती और गो-पालन से कृषि क्षेत्र का समग्र विकास तेजी से संभव हो सकेगा.

केन्द्रीय कानून एवं न्याय तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि, पिछली केन्द्र सरकार की तुलना में मौजूदा भारत सरकार ने कृषि के बजट को बढ़ाकर दूना कर दिया है. पशुपालन एवं मत्स्य पालकों को भी किसान का दर्जा दे दिया गया है. केन्द्रीय कानून एवं न्याय तथा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर ने बिहार में 09 लाख से भी अधिक किसानों द्वारा ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के तहत आनलाईन अभ्यावेदन करने पर संतोष व्यक्त किया. उन्होंने कहा कि वर्ष में कुल 6000/- रु० की सम्मान-राशि संबंधित किसान को आजीवन मिलती रहेगी.

बिहार के कृषि मंत्री डॉ॰ प्रेम कुमार ने कार्यक्रम में केन्द्र एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण कृषि-योजनाओं से किसानों को अवगत कराया. कार्यक्रम में स्वागत-भाषण कृषि विभाग के प्रधान सचिव सुधीर कुमार ने किया, जबकि धन्यवाद-ज्ञापन कृषि निदेशक आदेश तितरमारे ने किया. ज्ञात है कि, राष्ट्रीय स्तर पर गोरखपुर (उ॰प्र॰) में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उक्त योजना का आज शुभारंभ किया है.