प्रकृति प्रेम की संस्कृति…

प्रकृति प्रेम की संस्कृति…

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भारत भूमि पर सदैव से ही पेड़ पौधों को देव तुल्य माना गया है. फोटो:- संजय श्रीवास्तव.

अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संघ शिक्षण संस्थान द्वारा आज राजापाकर प्रखंड क्षेत्र के बाकरपुर पंचायत में स्थित गंगाजल ग्राम शिव मंदिर परिसर में 64 शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों के लिए ग्राम पंचायत शिक्षक पद के लिए परीक्षण दिया. परीक्षण प्राप्त करने के पश्चात युवक-युवती संस्था में पढ़ा सकते हैं, प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले नवयुवक एवं नवयुक्तियों को संस्था में पढ़ाने की स्वीकृति है. इस ट्रेनिंग के बाद परीक्षा में अधिकतम अंक 80 प्रतिशत अंक प्राप्त करने वाले युवक एवं युवतियों को संस्था की ओर से ₹5000 मासिक वेतन पर अस्थाई रोजगार दी जाएगी.

आज की इस परीक्षण शिविर के समाप्त होने के उपरांत हर एक परीक्षण ले रहे युवक-युवतियों तथा उनके साथ आए हुए अभिभावक लोगों ने वृक्षारोपण जैसी जन कल्याणकारी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और बाकरपुर पंचायत में स्थित गंगाजल ग्राम में शिव मंदिर पोखर परिसर के चारों तरफ सैंकडों पौधा लगाया गया. पौधा लगाने की नसीहत स्थानीय पंचायत के मुखिया नीलम भारती व राजद के प्रदेश महासचिव राजीव रंजन जी ने दीया. वृक्षारोपण कार्यक्रम में राजीव रंजन ने कहा कि भारत भूमि पर सदैव से ही पेड़ पौधों को देव तुल्य माना गया है इसलिए हमें अपनी पुरातन प्रकृति प्रेम की संस्कृति बरकरार बनाए रखना होगा.

संजय श्रीवास्तव….