पटना साहिब के बूथ संख्या- 326 पर मुख्यमंत्री ने मतदान किया…

पटना साहिब के बूथ संख्या- 326 पर मुख्यमंत्री ने मतदान किया…

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चुनाव अगर एक ही चरण में हो तो बेहतर होता लेकिन देश बड़ा है इसलिये दो या तीन चरणों में चुनाव की प्रक्रिया सम्पन्न होनी चाहिये. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

रविवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना साहिब संसदीय क्षेत्र के राजभवन के पास स्थित राजकीय कन्या मध्य विद्यालय के बूथ संख्या- 326 पर मतदान किया. मतदान केन्द्र पर उपस्थित मीडिया प्रतिनिधियों को मतदान किये जाने का प्रतीक अपने हाथ की उंगली में लगी स्याही के निशान को भी दिखाया.

इस मौके पर पत्रकारों के द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री जी योग करते रहते हैं, इसमें किसी राजनीतिक कमेंट की क्या जरुरत है?

साध्वी प्रज्ञा से जुड़े प्रश्न पर मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि, महात्मा गांधी इस देश के राष्ट्रपिता हैं, उनके बारे में कोई कुछ कहे तो ये अच्छी बात नहीं है. साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को पार्टी से निकालने के सवाल पर उन्होंने कहा कि ये उनकी पार्टी का अंदरुनी मामला है. इस तरह के बयान पर एक्शन लेना और कदम उठाना पार्टी का काम है. उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति का इस तरह का विचार है तो ये हमलोगों के लिए बर्दाश्त करने लायक नहीं है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्राइम, करप्शन, कम्युनिल्जम इन तीन चीजों से हमलोग कोई समझौता नहीं कर सकते.

चुनाव की लंबी अवधि पर मुख्यमंत्री कुमार ने सुझाव देते हुये कहा कि इतना लम्बा चुनाव नहीं होना चाहिये. अप्रैल-मई में गर्मी होने की वजह से लोगों को कठिनाई होती है. चुनाव अगर एक ही चरण में हो तो बेहतर होता लेकिन देश बड़ा है इसलिये दो या तीन चरणों में चुनाव की प्रक्रिया सम्पन्न होनी चाहिये. फरवरी-मार्च या फिर अक्टूबर नवंबर में चुनाव होना चाहिए और इतनी लंबी अवधि में भी चुनाव न हो ऐसी सहमति बननी चाहिए. इस संबंधन में विचार-विमर्ष करने के लिये सर्वदलीय बैठक होनी चाहिये.

चुनाव में शांति है से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री कुमार ने कहा कि हमलोग के आने के पहले अशांति का दौर था, अब यह दौर कहां है? हमलोग जनता की सेवा में जब से आये हैं तब से अशांति का दौर नहीं बल्कि शांति का दौर है. 23 मई आपके लिए कितना टफ रहेगा के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरे लिए कोई टफ डे नहीं है. हम कभी भी किसी चीज को टफ नहीं मानते हैं. हम अपनी ड्यूटी पूरी निष्ठा के साथ और परिश्रम के साथ निभाते हैं. लोकतंत्र में जनता ही मालिक है.