नए तरह के रणनीतिक हथियार को हासिल करने वाला दुनिया का पहला...

नए तरह के रणनीतिक हथियार को हासिल करने वाला दुनिया का पहला देश बना रूस…

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यह मिसाइल लक्ष्य के करीब पहुंचने के दौरान किसी खतरे से बचने के लिए यह अपनी ऊंचाई और दिशा दोनों बदल सकती है.फोटो:-गूगल.

रूस ने अपने नए हाइपरसोनिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया है. रूस का दावा है कि, यह मिसाइल आवाज की गति से 27 गुना तेज है जिस वजह से उसे इंटरसेप्ट करना नामुमकिन होगा. बुधवार को रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी तास ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हवाले से कहा है कि, दक्षिण-पश्चिम रूस के डोंबरावस्की सैन्य एयरबेस से एवनगार्ड हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया गया. रूस का दावा है कि अमेरिका के पास इस मिसाइल की कोई काट नहीं है.

नए तरह के रणनीतिक हथियार को हासिल करने वाला दुनिया का पहला देश बना है रूस. रूस ने कहा है कि, यह प्रणाली अगले साल की शुरुआत से काम करना शुरू कर देगी. यह हमारे देश और लोगों की सुरक्षा की विश्वसनीयता को सुनिश्चित करेगी. इस मिसाइल की खासियत यह है कि, 15-20 हजार मील प्रति घंटे की रफ़्तार पाने में सक्षम है. यह मिसाइल लक्ष्य के करीब पहुंचने के दौरान किसी खतरे से बचने के लिए यह अपनी ऊंचाई और दिशा दोनों बदल सकती है. इंटरसेप्टर्स से बचने के लिए यह कम ऊंचाई पर भी उड़ान भरने में सक्षम है.

रूस के नए हाइपरसोनिक मिसाइल को पकड़ने की क्षमता अमेरिका के पास भी नहीं है. अमेरिका की रणनीतिक कमान के प्रमुख ने भी इस मिसाइल को लेकर पहले ही चिंता जाहिर कर चुके हैं. उन्होंने आगाह किया था कि, मिसाइल का पता लगाने वाले अमेरिका के मौजूदा सेटेलाइट और रडार एवनगार्ड जैसे हथियारों का पता लगाने में सक्षम नहीं हैं. वहीं रूस का कहना है कि, ‘यह मिसाइल प्रणाली अपने लक्ष्य पर करीबी नजर रखने के साथ-साथ मिसाइल विरोधी रक्षा बलों को छकाने का माद्दा रखती है और अधिक इंटरसेप्टरों से बचने के लिए कम ऊंचाई पर उड़ सकती है. रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इसे अभेद कहा है.