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धनिया…

भारतीय मसालों की बात आती है तो एक ऐसा मसाला है जिसे हरा और सुखा दोनों ही प्रयोग किया जाता है. इस मसाले का प्रयोग आयुर्वेदिक दवाई के भी रूप में किया जाता है. इस मसाले का नाम है धनिया जिसे अंग्रेजी में ‘Coriander’ कहते है जबकि मारवाड़ी भाषा में ‘धोना’ कहा जाता है. इसकी हरी पतियाँ जो सुगन्धित होती है जिसका प्रयोग किसी भी खान-पान की वस्तु को सजावट के लिए प्रयोग किया जाता है वहीं इसके बीजों को मसाले व आयुर्वेदिक औषधि के रूप में प्रयोग किया जाता है. धनिये में एंटी बैक्टीरियल गुण के साथ –साथ विटामिन और मिनिरल भी पाए जाते हैं.

डॉ० बिमलेश कुमार.

धनिये में पोटेशियम, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, विटामिन बी-06, विटामिन सी, मैग्नीशियम और सोडियम पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है. धनिया की तासिर ठंडी होने के कारण यह पेट इंफेक्शन, एसिडिटी और शरीर की जलन जैसी समस्याओं को दूर करने में सहायक होता है. । इसके अलावा भी इसका सेवन बवासीर, यूरिन इंफेक्शन, ब्लड शुगर और पेट की जलन को दूर करता है. भारत में धनिये का प्रयोग मसालों में होता है जबकि यूरोप के कई देशों में इसका प्रयोग एंटी डायबटीक पौधों के रूप में किया जाता है. आप धनिये को किसी भी रूप में प्रयोग कर सकते है चाहे तो आप इसकी हरी पत्तियों को, इसके बीज को या धनिये का पानी के रूप में प्रयोग कर सकते हैं.

हरा धनिया खाने से त्वचा की सुजन कम होती है साथ ही पेट की बीमारियों को दूर रखने में मदद करता है. हरा धनिया खाने से इन्सुलिन का स्तर ठीक बना रहता है डायबटीज के रोगियों के लिए यह रामबाण औषधि है. वही धनिया के बीज का उपयोग खाना बनानेक के साथ-साथ वजन कम करने में प्रयोग किया जाता है. सर्दी-जुकाम होने पर इसके बीजों को उबाल व छानकर इसका पानी प्रयोग किया जात है. सूखे बीज को खाने से हीमोग्लोबिन के स्तर को बढाता है. धनिये के बीज को रात भर पानी में भिगों कर उसका पानी पीने से थाइराइड की बीमारी में काफी लाभदायक होता है साथ ही हड्डियां भी मजबूत होती है.

धनिया पाउडर में चुटकीभर हींग और काला नमक डालकर पानी के साथ पीने से कब्ज, उल्टी, दस्त, गैस, अपच और पेट दर्द को दूर करता है. फूड पॉइजिनिंग जैसे घातक बीमारियों में धनिया पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है. धनिया पाउडर शरीर में शुगर स्तर को कम करके इंसुलिन की मात्रा बढ़ाता है साथ ही ब्लड शुगर निंयत्रित रखने में मदद करता है. सुखा धनिया, मिश्री, आंवला, गोखारो और पुनर्न्वा जड़ को बराबर मात्रा में लेकर बारिक पीस कर सुबह-शाम इस चूर्ण का 1 चम्मच प्रयोग करने से पेशाब ना आने की समस्या को दूर करता है. हरे ताजे धनिया की लगभग 20 ग्राम पत्तियों के साथ चुटकी भर कपूर मिला कर पीस लें व  रस छान लें. अब इस रस की दो बूंदें नाक के छेदों में दोनों तरफ टपकाने से नाक से निकलने वाला खून बंद हो जाता है.  धनिए के रस में हल्दी पाउडर मिलाकर चेहरे पर लगाएं और कुछ देर बाद पानी से धो लें. इस प्रक्रिया को कुछ दिनों तक करने से मुहांसे व दाग-धब्बे दूर हो जाते हैं और चेहरे आकर्षक हो जाता है.

नोट :- ज्यादा मात्रा में धनिया खाने से एलर्जिक प्रॉब्लम, चक्कर आना, सुजन, सांस लेने की समस्या होती है तथा लीवर प्रॉब्लम होने का भी खतरा हो सकता है.

डॉ० बिमलेश कुमार (खगौल)पटना. 

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