देश-दुनिया में 20 मई का इतिहास…

देश-दुनिया में 20 मई का इतिहास…

445
0
SHARE
नवें दशक में जो सफलताएँ और ख्याति पी० टी० उषा ने प्राप्त की हैं वे उनसे पूर्व कोई भी भारतीय महिला एथलीट नहीं प्राप्त कर सकी थीं. फोटो:-गूगल.
  • वर्ष 1399 में भक्तिकाल के कवि संत कबीर का जन्म काशी के लहरतारा में हुआ था परन्तु जन्म स्थान के बारे में विद्वानों में भी मतभेद है परन्तु अधिकतर विद्वान इनका जन्म काशी में ही मानते हैं.संत कबीरदास हिंदी साहित्य के भक्ति काल के इकलौते ऐसे कवि हैं, जो आजीवन समाज और लोगों के बीच व्याप्त आडंबरों पर कुठाराघात करते रहे। वह कर्म प्रधान समाज के पैरोकार थे और इसकी झलक उनकी रचनाओं में साफ़ झलकती है.कबीर की सबसे बड़ी विशेषता यह थी कि उनकी प्रतिभा में अबाध गति और अदम्य प्रखरता थी.कबीर एक ही ईश्वर को मानते थे और कर्मकाण्ड के घोर विरोधी थे.कबीर को शांतिमय जीवन प्रिय था और वे अहिंसा, सत्य, सदाचार आदि गुणों के प्रशंसक थे.
  • वर्ष 1498 में वास्कोडिगामा भारत पहुंचे. एक पुर्तगाली अन्वेषक, यूरोपीय खोज युग के सबसे सफल खोजकर्ताओं में से एक और यूरोप से भारत सीधी यात्रा करने वाले जहाज़ों का कमांडर था, जो केप ऑफ गुड होप, अफ्रीका के दक्षिणी कोने से होते हुए भारत पहुँचा.
  • वर्ष 1677 में छत्रपति शिवाजी महाराज ने जिंगी का किला जीता था.
  • वर्ष 1766 में मल्हारराव होल्कर का निधन हुआ था. ये इंदौर के होल्कर वंश के प्रवर्तक थे.
  • वर्ष 1900 में हिन्दी कवि सुमित्रानंदन पंत का जन्म अल्मोड़ा (अब बागेश्वर) ज़िले के कौसानी नामक ग्राम में हुआ था.जन्म के छह घंटे बाद ही उनकी माँ का निधन हो गया जिसके बाद उनका लालन-पालन उनकी दादी ने किया था. उनके बचपन का नाम गोसाईं दत्त था. हाईस्कूल में उन्होंने अपना नाम सुमित्रानंदन पंत रख लिया. सात वर्ष की उम्र में, जब वे चौथी कक्षा में ही पढ़ रहे थे, उन्होंने कविता लिखना शुरु कर दिया था. वर्ष 1918 के आसपास तक वे हिंदी के नवीन धारा के प्रवर्तक कवि के रूप में पहचाने लगे थे. इस दौर की उनकी कविताएं वीणा में संकलित हैं. वर्ष 1926 में उनका प्रसिद्ध काव्य संकलन पल्लव प्रकाशित हुआ. हिंदी साहित्य सेवा के लिए उन्हें पद्मभूषण(1961), ज्ञानपीठ(1968), साहित्य अकादमी, तथा सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार जैसे उच्च श्रेणी के सम्मानों से अलंकृत किया गया.
  • वर्ष 1902 में क्यूबा को संयुक्त राज्य अमेरिका से आजादी मिली थी.
  • वर्ष 1910 में पद्म भूषण से सम्मानित प्रसिद्ध मूर्तिकार रामकिंकर बैज का जन्म पश्चिम बंगाल के बांकुरा में एक आर्थिक और सामाजिक रूप से विपन्न परिवार में हुआ था.अपने दृढ़ संकल्प से वह भारतीय कला के प्रतिष्ठित प्रारंभिक आधुनिक कलाकारों में से एक बने.भारतीय कला में उनके अतुल्य योगदान के लिए वर्ष 1970 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया गया था.
  • वर्ष 1927 में सऊदी अरब को ब्रिटेन से स्वतंत्रता मिली थी.
  • वर्ष 1929 में चंपारण सत्याग्रह और स्वतंत्रता सेनानी राजकुमार शुक्ल का निधन 54 वर्ष की आयु में मोतिहारी में हुआ था.
  • वर्ष 1932 में भारत में क्रान्तिकारी विचारों के जनक’ विपिन चन्द्र पाल का निधन हुआ था.
  • वर्ष 1957 में स्वतंत्रता सेनानी और आंध्रा राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री टी० प्रकाशम का निधन हुआ था.
  • वर्ष 1964 में उड़न परी के नाम से प्रसिद्ध धाविका पी० टी० उषा का जन्म केरल के कोज़िकोड जिले के पय्योली ग्राम में हुआ था. उनका पूरा नाम पिलावुळ्ळकण्टि तेक्केपरम्पिल् उषा है. भारत के केरल राज्य की खिलाड़ी हैं.वर्ष 1976 में केरल राज्य सरकार ने महिलाओं के लिए एक खेल विद्यालय खोला और उषा को अपने ज़िले का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया. नवें दशक में जो सफलताएँ और ख्याति पी० टी० उषा ने प्राप्त की हैं वे उनसे पूर्व कोई भी भारतीय महिला एथलीट नहीं प्राप्त कर सकी. वर्तमान में भी उन्हें एशिया की सर्वश्रेष्ठ महिला एथलीट मानी जाती हैं. उषा एक धाविका के रूप में भारत के लिए केरल का और विश्व के लिए भारत का अमूल्य उपहार है. पी० टी० उषा को सर्वाधिक सहयोग अपने प्रशिक्षक ओ० पी० नम्बियार का मिला है.वर्ष 1985 में उन्हें पद्म श्री व अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
  • वर्ष 1972 में ‘सनेही’ व  ब्रजभाषा के प्रसिद्ध कवि गया प्रसाद शुक्ल का निधन नवासी वर्ष की आयु में कानपुर के उर्सला अस्पताल में हुआ था.
  • वर्ष 1965 में पाकिस्तान का बोइंग 720-बी विमान मिस्र के काहिरा में दुर्घटनाग्रस्त हो जाने से 121 लोगों की मौत हो गई थी.
  • वर्ष 1965 में कमांडर एम० एस० कोहली के नेतृत्व में पहला भारतीय दल माउंट एवरेस्ट सम्मेलन में पहुंचा था.
  • वर्ष 1972 में दूसरे हावड़ा ब्रिज का शिलान्यास तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने किया था.
  • वर्ष 1990 में हबल स्पेस टेलीस्कोप ने अंतरिक्ष से पहली तस्वीर भेजी थी.
  • वर्ष 1998 में मल्टीबैरल रॉकेट प्रणाली पिनाका का परीक्षण हुआ.
  • वर्ष 2011 में दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत शिखर माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली सबसे उम्रदराज़ भारतीय महिला प्रेमलता अग्रवाल (झारखंड की पर्वतारोही) होने का गौरव हासिल करते हुए पर्वतारोहण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा.
  • वर्ष 2012 में मानव विज्ञानी और नारीवादी विद्वान लीला दुबे का निधन 89 वर्ष की आयु में हुआ था.