देश-दुनिया में 15 मई का इतिहास….

देश-दुनिया में 15 मई का इतिहास….

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हास्य अभिनेता जॉनी वॉकर को फिल्म मधुमती के लिए फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार मिला वहीं, अभिनेत्री एवं नृत्यांगना माधुरी दीक्षित को फिल्म तेज़ाब के लिए बेहतरीन अदाकारी के लिए फिल्मफेयर पुरुस्कार मिला. फोटो:-गूगल.
  • वर्ष 1610 में पेरिस की संसद ने लुई तेरहवें को फ्रांस का राजा नियुक्त किया था.
  • वर्ष 1811 में पराग्वे ने स्पेन से स्वतंत्रता की घोषणा की थी.
  • वर्ष 1817 में हिन्दू दार्शनिक, ब्रह्मसमाजी तथा धर्मसुधारक देवेन्द्रनाथ ठाकुर का जन्म बंगाल में हुआ था.उनके पिता का नाम द्वारकानाथ ठाकुर था जो प्रख्यात विद्वान् और धार्मिक नेता थे. अपनी दानशीलता के कारण उन्होंने ‘प्रिंस’ की उपाधि प्राप्त की थी. इनका लालन पालन अपार धन तथा वैभव में हुआ था.22 वर्ष की अवस्था में इन्होंने ‘तत्वबोधिनी सभा’ स्थापित की, जिसका मुख्य उदेश्य था लोगों को ‘ब्राह्मधर्म’ का पाठ पढ़ाना.वर्ष 1842 ई० में देवेंद्रनाथ ने ब्रह्मसमाज में पदार्पण किया.वर्ष  1863 ई० में बोलपुर में एकांतवास के लिए 20 बीघा ज़मीन ख़रीदी और वहाँ गहरी आत्मिक शान्ति अनुभव करने के कारण उसका नाम ‘शान्ति निकेतन’ रख दिया और  वर्ष 1866 ई० में उसे एक ट्रस्ट के सुपुर्द कर दिया.
  • वर्ष 1892 में भारतीय राजनीतिज्ञ तथा मध्य प्रदेश के भूतपूर्व राज्यपाल हरि विनायक पाटस्कर का जन्म पूना (महाराष्ट्र) में हुआ था. पाटस्कर भारत की संविधान सभा के सदस्य भी थे.हरि विनायक पाटस्कर बम्बई उच्च न्यायालय और उसके बाद भारत के सर्वोच्च न्यायालय के एडवोकेट रहे.वर्ष 1920 से लगातार अनेक वर्षों तक ‘अखिल भारतीय कांग्रेस’ के सदस्य भी रहे. हरि विनायक पाटस्कर 1926 में बम्बई विधान परिषद के सदस्य बने तथा अपने जीवन काल में कई आयोगों तथा समितियों के अध्‍यक्ष भी रहे.हरि विनायक पाटस्कर में गंभीरतम विवादों को हल करने की असाधारण क्षमता थी. उन्होंने आंध्र प्रदेश और मद्रास (वर्तमान चेन्नई) के सीमा-विवाद की भी मध्‍यस्‍थता की थी.हरि विनायक पाटस्कर महाराष्‍ट्र-मैसूर सीमा-विवाद संबंधी चार सदस्‍यीय समिति के सदस्‍य थे.
  • वर्ष 1905 में नवाडा(अमेरिका) में लास वेगास की स्थापना हुई थी.
  • वर्ष 1907 में महान् क्रांतिकारी शहीद सुखदेव का जन्म गोपरा(लुधियाना) पंजाब में हुआ था. उनके पिता का नाम रामलाल थापर था, जो अपने व्यवसाय के कारण लायलपुर (वर्तमान फैसलाबाद, पाकिस्तान) में रहते थे. इनकी माता रल्ला देवी धार्मिक विचारों की महिला थीं.सुखदेव की उम्र 03 वर्ष की थी तब इनके पिता का देहांत हो गया और इनका लालन-पालन इनके ताऊ (चाचा) लाला अचिन्त राम ने किया. जो आर्य समाज से प्रभावित थे तथा समाज सेवा व देशभक्तिपूर्ण कार्यों में अग्रसर रहते थे. इसका प्रभाव बालक सुखदेव पर भी पड़ा. वर्ष 1919 में हुए जलियाँवाला बाग़ के भीषण नरसंहार के कारण देश में भय तथा उत्तेजना का वातावरण बन गया था. इस समय सुखदेव 12 वर्ष के थे. पंजाब के प्रमुख नगरों में मार्शल लॉ लगा दिया गया था और  स्कूलों तथा कालेजों में तैनात ब्रिटिश अधिकारियों को भारतीय छात्रों को ‘सैल्यूट’ करना पड़ता था. लेकिन सुखदेव ने दृढ़तापूर्वक ऐसा करने से मना कर दिया, जिसके  कारण उन्हें मार भी खानी पड़ी. वर्ष 1926 में लाहौर में ‘नौजवान भारत सभा’ का गठन हुआ. इसके मुख्य योजक सुखदेव, भगत सिंह, यशपाल, भगवती चरण व जयचन्द्र विद्यालंकार थे.
  • वर्ष 1923 में भारतीय हास्य अभिनेता जॉनी वॉकर का जन्म इंदौर(मध्य प्रदेश) में हुआ था. इनका वास्तविक नाम बदरुद्दीन जमालुद्दीन क़ाज़ी था.ज़िन्दगी की शुरुआत उन्होंने बस कंडक्टर के रूप में की थी. बस में यात्रियों से मज़ाकिया बातें करना उनका शगल था, जिसने बलराज साहनी को आकर्षित किया. बलराज साहनी ने इन्हें गुरु दत्त से मिलवाया और संवेदना और हास्य के दो शिखर एक हो गए, जिसने हिन्दी सिनेमा के लिए नई परिभाषाएं गढ़ीं. वर्ष 1959 में फिल्म मधुमती के लिए फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार मिला और फिल्म शिकार के लिए फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ हास्य अभिनेता पुरस्कार मिला.
  • वर्ष 1926 में भारतीय नौसेना के जांबाज अफसरों में एक महेन्द्रनाथ मुल्ला का जन्म गोरखपुर(उत्तर प्रदेश) में हुआ था.उन्होंने 1 मई, 1948 को भारतीय नौसेना में कमीशन प्राप्त किया था.वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में केवल एक अवसर ही ऐसा आया, जब पाकिस्तानी नौसेना ने भारतीय नौसेना को नुकसान पहुँचाया था.मनु शर्मा और लेफ़्टिनेंट कुंदनमल आईएनएस खुखरी के ब्रिज पर महेन्द्रनाथ मुल्ला के साथ थे। महेन्द्रनाथ मुल्ला ने उनको ब्रिज से नीचे धक्का दिया। उन्होंने उनको भी साथ लाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने इनकार कर दिया.जब मनु शर्मा ने समुद्र में छलांग लगाई तो पूरे पानी में आग लगी हुई थी और उन्हें सुरक्षित बचने के लिए आग के नीचे से तैरना पड़ा.थोड़ी दूर जाकर मनु ने देखा कि खुखरी का अगला हिस्सा 80 डिग्री को कोण बनाते हुए लगभग सीधा हो गया है। पूरे पोत मे आग लगी हुई है और महेन्द्रनाथ मुल्ला अपनी सीट पर बैठे रेलिंग पकड़े हुए थे और उनके हाथ में अब भी जलती हुई सिगरेट थी.उस समय भारत के 174 नाविक और 18 अधिकारी इस ऑपरेशन में मारे गए. कप्तान महेन्द्रनाथ मुल्ला ने भारतीय नौसेना की सर्वोच्च परंपरा का निर्वाह करते हुए अपना जहाज़ नहीं छोड़ा और जल समाधि ली. उनकी इस वीरता के लिए उन्हें मरणोपरांत ‘महावीर चक्र’ से सम्मानित किया गया.
  • वर्ष 1933 में भारत के भूतपूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी० एन० शेषन का जन्म केरल के पलक्कड़ जिले के तिरुनेलै नामक स्थान में हुआ था. इनका पूरा नाम तिरुनेलै नारायण अइयर शेषन था जो भारत के दसवें मुख्य चुनाव आयुक्त थे.शेषन को आजाद भारत के ऐसे नौकरशाह के रूप में याद किया जाता है जिसके पास मौलिक सोच थी और जो देश को भ्रष्टाचार और मुक्त करने की दिशा में विवादास्पद होने की हद तक जा सकते थे.उनके आलोचक उन्हें सनकी कहते थे, लेकिन भ्रष्टाचार मिटाने के लिए वह किसी के भी खिलाफ जाने का साहस रखते थे.देश के हर वाजिब वोटर के लिए मतदाता पहचान पत्र उन्हीं की पहल का नतीजा था.इनका कार्यकाल12 दिसम्बर 1990  से लेकर 11 दिसम्बर 1996 तक था. इनके कार्यकाल में स्वच्छ एवं निष्पक्ष चुनाव सम्पन्न कराने के लिये नियमों का कड़ाई से पालन किया गया जिसके साथ तत्कालीन केन्द्रीय सरकार एवं ढीठ नेताओं के साथ कई विवाद भी हुए थे.
  • वर्ष 1958 में प्रसिद्ध इतिहासकार यदुनाथ सरकार का निधन कोलकाता में हुआ था.
  • वर्ष 1958 में सोवियत संघ ने स्पूतनिक-3 लॉन्च किया.
  • वर्ष 1965 में हिन्दी फ़िल्मों की एक सुप्रसिद्ध अभिनेत्री एवं नृत्यांगना माधुरी दीक्षित नेने का जन्म मुंबई(महाराष्ट्र) में हुआ था.इनके पिता का नाम शंकर दीक्षित और माता का नाम स्नेह लता दीक्षित है. बचपन में माधुरी को डॉक्टर बनने की चाहत थी, लेकिन वह अभिनेत्री बन गयी.माधुरी दीक्षित ने भारतीय हिन्दी फ़िल्मो मे एक ऐसा मुकाम तय किया है जिसे आज के अभिनेत्रियाँ अपने लिए आदर्श मानती है. 80-90 के दशक मे इन्होने स्वयं को हिन्दी सिनेमा मे एक प्रमुख अभिनेत्री तथा सुप्रसिद्ध नृत्यांगना के रूप मे स्थापित किया.उनके लाजवाब नृत्य और स्वाभाविक अभिनय का ऐसा जादू था माधुरी पूरे देश की धड़कन बन गयी. माधुरी ने करियर की शुरुआत साल 1984 में राजश्री प्रोडक्शन की फिल्म अबोध से की थी.लेकिन उन्हें हिंदी सिनेमा में पहचना मिली फिल्म तेजाब से.इस फिल्म में उन्हें उनकी बेहतरीन अदाकारी के लिए फिल्मफेयर पुरुस्कार का पहला नामकंन भी मिला था.
  • वर्ष 1993 में भारत के ‘प्रथम आर्मी कमाण्डर इन चीफ़’ के०एम० करिअप्पा का निधन 94 वर्ष की आयु में बैंगलौर (कर्नाटक) में हुआ था.
  • वर्ष 1993 में संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 1993 में अंतरराष्ट्रीय परिवार दिवस के रूप में मनाने का फैसला किया. चुकिं, प्राणी जगत में परिवार सबसे छोटी इकाई है या फिर इस समाज में भी परिवार सबसे छोटी इकाई होती है.यह सामाजिक संगठन की मौलिक इकाई है. प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी परिवार का सदस्य रहा है या फिर उससे अलग होकर उसके अस्तित्व को सोचा नहीं जा सकता है. हमारी संस्कृति और सभ्यता कितने ही परिवर्तनों को स्वीकार करके अपने को परिष्कृत कर ले, लेकिन परिवार संस्था के अस्तित्व पर कोई भी आंच नहीं आई. वह बने और बन कर भले टूटे हों लेकिन उनके अस्तित्व को नकारा नहीं जा सकता है.हम चाहे कितनी भी आधुनिक विचारधारा में हम पल रहे हो लेकिन अंत में अपने संबंधों को विवाह संस्था से जोड़ कर परिवार में परिवर्तित करने में ही संतुष्टि अनुभव करते हैं.
  • वर्ष 1995 में बिना आक्सीजन सिलीडंर के एवरेस्ट की चोटी पर पहुँचने वाली पहली महिला एलीसन गारग्रीब्स बनीं.
  • वर्ष 1999 में कुवैती सरकार द्वारा महिलाओं को संसदीय चुनावों में मताधिकार का हक मिला.
  • वर्ष 2002 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इराक पर प्रतिबंधों का अनुमोदन किया था.
  • वर्ष 2005 में 20 वर्षों के बाद भारतीय विमान कनाडा में उतरा था.
  • वर्ष 2010 में राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री व भारत के ग्यारहवें उपराष्ट्रपति भैरोंसिंह शेखावत का निधन जयपुर में हुआ था.