जी-20 शिखर सम्मेलन…

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2018 का 13वां जी-20 शिखर सम्मेलन ब्यूनस आयर्स (अर्जेंटीना) शहर में आयोजित किया गया है. फोटो:-गूगल.

विश्व की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के वित्त मंत्रियों और केन्द्रीय बैंकों के गवर्नर्स का एक संगठन है जिसमें 19 देश और यूरोपियन संघ शामिल है. जिसका प्रतिनिधित्व यूरोपियन परिषद के अध्यक्ष और यूरोपियन केन्द्रीय बैंक द्वारा किया जाता है. यह सम्मेलन दो दिवसीय होता है. इसकी स्थापना 1999 में की गई थी. इसका मुख्य उदेश्य होता है वैश्विक अर्थव्यवस्था में प्रणालीबद्ध महत्वपूर्ण   औधोगिक और विकासशील अर्थव्यवस्था को एक साथ लाना और महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा करना. 

2018 का 13वां जी-20 शिखर सम्मेलन ब्यूनस आयर्स (अर्जेंटीना) शहर में आयोजित किया गया है. इस सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत के पीएम नरेंद्र मोदी गुरुवार को अर्जेंटीना पहुंच चुके हैं. इस सम्मेलन में जिन मुद्दों पर चर्चा की जाएगी, उनमें ग्लोबल इकोनॉमी और ट्रेड की स्थिति, इंटरनेशनल फाइनेंस और टैक्स सिस्टम्स, भविष्य के काम, महिला सशक्तिकरण, इंफ्रास्ट्रक्चर भी   शामिल हैं. 

13वें जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत के पीएम नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुतारेस, जर्मनी की चांसलर एंजेला मार्केल, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग सहित विश्व के कई नेता पहुंच चुके हैं.

13वें जी-20 शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रही है जबकि चीन दक्षिण चीन सागर में क्षेत्रीय विवाद के साथ साथ पूर्वी चीन सागर में जापान के साथ विवाद में उलझा हुआ है. बताते चलें कि, दोनों ही क्षेत्रों को खनिज, तेल और अन्य प्राकृतिक संसाधनों में संपन्न माना जाता है. आरआईसी की त्रिपक्षीय बैठक में मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भाग लेंगे. चीन करीब-करीब पूरे दक्षिण चीन सागर पर अपना दावा करता है जबकि वियतनाम, फिलीपींस, मलेशिया, ब्रुनेई और ताइवान इसके जलमार्गों पर अपना दावा करते हैं.

पीएम मोदी ने ब्यूनस आयर्स पहुंचने के बाद ट्वीट में कहा, “जी-20 शिखर सम्मेलन में निरंतर विकास को आगे बढ़ाने के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए विभिन्न मुद्दों पर व्यापक चर्चा की उम्मीद है.” एक अन्य ट्वीट में पीएम मोदी ने कहा, “हजारों किलोमीटर का फासला, फिर भी एकता की भावना से बंधे हैं. अर्जेंटीना में यादगार स्वागत के लिए भारतीय सुमदाय का बहुत आभारी हूं.”