‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान की सफलता में युवा निभायेंगें अहम् भूमिका:- संजय झा

‘जल-जीवन-हरियाली’ अभियान की सफलता में युवा निभायेंगें अहम् भूमिका:- संजय झा

93
0
SHARE
इस अभियान के अंतर्गत जल संसाधन विभाग विभिन्न कॉलेजों और स्कूलों से विद्यार्थियों को वाटर वारियर्स बनायेगा, जो विभाग के साथ मिल कर जल संरक्षण के लिए काम करेंगे. फोटो:-पीआरडी, पटना.

शुक्रवार को जल संसाधन मंत्री संजय झा ने “जल संरक्षण के प्रति युवाओं की जिम्मेवारी” विषय पर एमिटी यूनिवर्सिटी में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुये कहा कि “यह समस्या निकट भविष्य में ही अत्यंत विकट होने वाली है. नीति आयोग की एक रिपोर्ट के मुताबिक 2020 तक देश के 21 शहरों में भूजल पूरी तरह समाप्त हो जायेगा. इन शहरों में पीने के लिए भी पानी बाहर से मंगाना होगा.”

विकसित देशों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के प्रति उदासीन रवैये का जिक्र करते हुए जल संसाधन मंत्री ने कहा की अगर स्थिति बदलनी है तो भारत जैसे विकासशील देशों को ही अब आगे बढ़ कर काम करना होगा.

जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए बिहार सरकार की अनूठी पहल “जल-जीवन-हरियाली अभियान” के बारे में छात्रों को जागरूक करते हुए जल संसाधन मंत्री ने कहा कि, “दुनिया में शायद पहली बार किसी सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को इतनी गंभीरता से लिया है. जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत वर्षा जल का संचयन, पेयजल का संरक्षण, कुओं का पुनरुद्धार, तालाबों एवं पोखरों का जीर्णोद्धार, आहर पाईन का जीर्णोद्धार, सोख्ता का निर्माण और बड़े पैमाने पर पौधारोपण आदि कदम उठाये जाएंगे. इस अति महत्वाकांक्षी महाअभियान पर अगले तीन साल में 24,524 करोड़ रुपये खर्च किये जाएंगे.”

इस अभियान में युवाओ की भागीदारी को बेहद महत्वपूर्ण करार देते हुए उन्होंने एक अभियान  “पानी- पार्टनरशिप फॉर अवेयरनेस, एक्शन एंड न्यू इंटरवेंशंस फॉर वाटर मैनेजमेंट” भी लांच किया. इस अभियान के अंतर्गत जल संसाधन विभाग विभिन्न कॉलेजों और स्कूलों से विद्यार्थियों को वाटर वारियर्स बनायेगा, जो विभाग के साथ मिल कर जल संरक्षण के लिए काम करेंगे. एमिटी के छात्रों में इस अभियान को ले कर काफी उत्साह दिखा. लगभग 50 छात्रों ने इसके लिए रजिस्ट्रेशन भी कराया.

एमिटी एजुकेशन ग्रुप के वाइस प्रेसिडेंट यू० रामचंद्रन ने कहा, एमिटी यूनिवर्सिटी की तरफ से बिहार सरकार को जल-जीवन-हरियाली अभियान में हर तरह का समर्थन दिया जायेगा. उन्होंने कहा “एमिटी परिवार के हर सदस्य की जिम्मेदारी है कि वह पांच लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक एवं प्रेरित करे.”

पटना एमिटी विश्वविद्यालय के वाईस चांसलर प्रोफेसर टी० आर० वेंकटेश ने व्याख्यान में धन्यवाद प्रस्ताव देते हुए कहा की, “एमिटी विश्वविद्यालय देश का प्रमुख विश्विद्यालय है, हमारे यहाँ एकेडेमिक्स के अलावा एक्टिविटीज पर भी ध्यान दिया जाता है. एमिटी विश्वविद्लाय के छात्र बिहार की प्रगति में एक एहम भूमिका निभा सकता है.”

व्याख्यान और अलग-अलग विधाओं के छात्रों के साथ चर्चा के क्रम में एमिटी के मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट के लैंग्वेज लैब में जल संसाधन मंत्री ने विद्यार्थियों के जल, पर्यावरण और सिंचाई से जुड़े  सवालों के जवाब देते हुए जल संसाधन मंत्री ने कृषि व्यवथा और फसल चक्र में परिवर्तन और युवाओ के महत्वपूर्ण भूमिका को पुनः दोहराया.