जम्मू-कश्मीर विधानसभा को राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भंग किया…

जम्मू-कश्मीर विधानसभा को राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने भंग किया…

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राजपाल मालिक ने विधानसभा भंग कर पीडीपी के सरकार बनाने के मंसूबों पर पानी फेर दिया. फोटो:-गूगल.

एक तरफ जम्मू-कश्मीर में पीडीपी-एनसी और कांग्रेस मिलकर सरकार बनाने में जुटी हुई थी. दूसरी तरफ बुधवार की देर रात राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने धारा 53 का हवाला देते हुए जम्मू-कश्मीर विधानसभा को भंग कर दिया है. विधानसभा को भंग होने के बाद विपक्षी पार्टियों ने राजपाल और बीजेपी पर हमला बोल दिया है.

राजपाल मालिक ने विधानसभा भंग कर पीडीपी के सरकार बनाने के मंसूबों पर पानी फेर दिया है. ज्ञात है कि, इससे पहले पीडीपी की मुखिया महबूबा मुफ्ती ने सरकार बनाने का दावा पेश किया था. मुफ्ती ने अपने पत्र में लिखा, “जैसा कि आप जानते हैं कि राज्य विधानसभा में 29 विधायकों के साथ पीडीपी सबसे बड़ी पार्टी है. मीडिया के जरिए आपको जानकारी मिल ही गई होगी कि कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस पीडीपी के साथ सरकार बनाने पर सहमत हो गए हैं. वहीं, एनसी के पास 15 और कांग्रेस के पास 12 विधायक हैं इस तरह 56 विधायकों का समर्थन प्राप्त है. अत: मैं अपनी पार्टी की तरफ से सरकार बनाने का दावा पेश करती हूं.

बताते चलें कि, मार्च 2015 में पीडीपी और भाजपा की गठबंधन सरकार बनी थी उस वक्त मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद बने थे, उनके निधन के बाद महबूबा मुफ्ती सीएम बनीं. ज्ञात है कि, इस साल 16 जून को पीडीपी-बीजेपी गठबंधन से बीजेपी अलग हो गई जिसके बाद से यहां राज्यपाल शासन लगा हुआ है.

जम्मू-कश्मीर विधानसभा के समीकरण…

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में कुल 89 सीटे हैं, जिनमें से दो सदस्य मनोनीत किए जाते हैं. सरकार बनाने के लिए 44 विधायकों की जरूरत होती है. मौजूदा स्थिति में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) के पास 28, बीजेपी के 25 और नेशनल कॉन्फ्रेंस के 15 और कांग्रेस के पास 12  सीटें हैं. अगर पीडीपी, कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस एक साथ आ जाएं तो आंकड़ा 55 तक पहुंच रहा है और आसानी से सरकार का गठन हो सकता है.