चांद के अनदेखे हिस्से पर रोबोटिक स्पे्सक्राफ्ट ने…

चांद के अनदेखे हिस्से पर रोबोटिक स्पे्सक्राफ्ट ने…

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चांग'ए-4 रोबोटिक स्पेकसक्राफ्ट ने चांद के एकदम अंधेरे हिस्से में सफल लैंडिंग की... फोटो:-गूगल.

पृथ्वी के अलावा दुसरे ग्रहों के बारें में जानने की जिज्ञासा से मानव ने सबसे पहले अन्तरिक्ष में चहलकदमी की, चाँद की धरती पर कदम भी रखा. अभी तक चंदमा के उतरी ध्रुव पर ही मानव की पहुंच हो पाई थी लेकिन, चीन की सरकारी मिडिया के अनुसार, चांद के एकदम अंधेरे हिस्‍से में बिना व्यक्ति वाले यान चांग’ए-4 रोबोटिक स्‍पेसक्राफ्ट ने साउथ पोल-एटकिन बेसिन पर सफल लैंडिंग की है.

बताते चलें कि, चांद के एक ऐसे हिस्‍से में स्‍पेसक्राफ्ट ने पहली बार में सफल लैंडिंग की है, जिसके बारे में कोई भी कुछ नहीं जानता है. चांग’ए-4 अपने साथ कुछ ऐसे उपकरण भी लेकर गया जिनकी मदद से इस क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति के बारे में पता लगाया जा सकेगा साथ ही यान अपने साथ कुछ ऐसे इंस्‍ट्रूमेंट्स भी ले गया है जो जैविक प्रयोग करने में सहायक होंगे. ज्ञात है कि, अभी तक के सभी मिशन में स्‍पेसक्राफ्ट चांद के ऐसे हिस्‍से पर उतरा था जो कि धरती के तरफ थे लेकिन, यह पहला मौका है कि, स्‍पेसक्राफ्ट ऐसे हिस्से में उतरा है जिसके बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं है. अंतरिक्ष विज्ञान की यह उपलब्धि मील के पत्‍थर के समान है.

चीन ने अपना अंतरिक्ष का मिशन बहुत देर में शुरू किया था और वर्ष 2003 में चीन ने पहली बार अंतरिक्ष में इंसान को भेजने में सफलता पाई थी. उससे पहले अमेरिका और सोवियत संघ ने सफलता पाई थी. अंतरिक्ष को लेकर चीन की कई महत्वाकांक्षी योजनाएं हैं जो अगले पांच सालों में पूरा करेगा. चीन अपनी स्पेश स्टेशन लॉन्च करने साथ ही वर्ष 2036 तक चाँद पर मानव को भी उतारने की योजना बना रहा है जो उसे दुनिया का अगला स्पेस सुपर पावर बनने में भी मदद करेगा.

ज्ञात है की, हम सभी को चाँद का सामने का हिस्सा ही नजर आता है चुकिं, चांद अपनी धुरी पर घूमने में उतना ही वक़्त लेता है जितना पृथ्वी की कक्षा के चक्कर लगाने में. चांद के दूसरे हिस्‍से को अक्‍सर ‘डार्क साइड’ कहा जाता है लेकिन, वास्तविकता यह नहीं है. हम सभी लोग पृथ्वी के करीब के हिस्से के बारे में जानकरी है लेकिन उसके दुसरे हिस्से के बारे में कोई जानकारी नहीं है. चुकी, चाँद को हम सभी दिन और रात में चांद के दोनो हिस्‍से देखे जा सकते हैं.