चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या 200 तक पहुंची…

चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या 200 तक पहुंची…

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पिछले कुछ दिनों से बिहार में चमकी बुखार से लगातार बच्चों की जाने जा रही हर घंटे मारने वालों की संख्या बढ़ रही है.फोटो:- संजय श्रीवास्तव.

वैशाली:- बिहार में बीते कुछ दिनों से चमकी बुखार से मरने वाले बच्चों की संख्या लगभग 200 तक पहुँच गई है. आम-आवाम इसका मुख्य कारण लीची को मान रहे हैं. जिसके कारण साही लीची को लोग खरीदने से परहेज कर रहे है. वहीं, लोगो की माने तो मुजफ्फरपुर में कई लीची व्यपारियों ने साही लीची को खेत में ही छोड़ दिया है.

भगवानपुर प्रखंड के रघुबंशपुर पंचायत के लोगों में इतना भय ब्याप्त हो गया है कि भयभीत लोग चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों को बेहतर ईलाज के लिए अपने रिश्तेदारों के यहाँ ले जा रहे है ताकि उनके बच्चे का सही इलाज व जान बचाई जा सके. रघुबंशपुर पंचायत के कई लोगों ने नाम नही छापने की शर्त पर बताया कि स्थानीय अस्पतालों में समुचित व्यवस्था नही है और उपकरणों की भी भारी कमी है, साथ ही चिकित्सक भी समय पर नही रहते जिस कारण हमलोग अपने बच्चों की जान बचाने को लेकर यहाँ से अन्यत्र जाने को मजबूर हैं.

रघुबंशपुर पंचायत के लोगों ने कहा कि, हमारी मजबूरी को कोई समझने वाला नही है. उन्होंने आगे बताया कि पिछले कुछ दिनों से बिहार में चमकी बुखार से लगातार बच्चों की जाने जा रही हर घंटे मारने वालों की संख्या बढ़ रही है. लेकिन क्या अधिकारियों के अधिक दवाब बढ़ने पर महज ख़ाना पूर्ति हेतु चिकित्सालयो में आकर देख कर चले जाते है फिर वही ढाक के तीन पात वाली कहावत सच साबित हो रही है. ऐसे में आप ही बताईये के हमलोग कहाँ जाये? जिस तरह से आज कैम्प लगा कर दबाईयां बांटी जा रही है यही पूर्व में बांटी जाती तो शायद इतने बच्चों की जाने नही जाती.

संजय श्रीवास्तव.