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गुणों का खान है पालक…

एक ऐसा पौधा जिसके पत्ते और तना साथ खाए जाते हैं और वो अमरन्थेसी कुल का फूलने वाला पौधा है, जिसका वानस्पतिक नाम स्पिनियाआ ओलेरैसा (Spinacia oleracea) या आम बोलचाल भाषा में पालक कहते हैं. यह मुख्यत: इरान तथा उसके आस-पास के क्षेत्रों में पाया जाता है. ईसा के पूर्व के अभिलेखों से पता चलता है कि, पालक नेपाल से चीन गया था, और 12वीं शताब्दी में अफ्रीका से यूरोप पहुंचा था. बताते चलें कि, पालक का पौधा अधिक गर्मी नहीं सह सकता है और इसे किसी भी मिटटी में उगाया जा सकता है. पालक की प्रकार के होते हैं जैसे…  ‘लांग स्टैंडिंग ब्लूम्सडेल’ (Long Standing Bloomsdel), वरजीनिया सेवॉय (Virginia Savoy) तथा राउंड लीव्ड डच (Round Leaved Dutch) लोकप्रिय हैं साथ ही, देशी पालक में ‘बैनर्जीज़ जाएंट’ (Banerjees giant) तथा ‘बनारसी’ या ‘कटवी पालक’ की माँग अत्यधिक होती है जबकि, आमतौर पर भारतीय पालक ‘वेर वलगैरिस’ जाति (Var Vulgaris) के अंतर्गत ही आते हैं.

पालक को सबसे ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक सब्जी मानी जाती है, चुकीं पालक में जो गुण पाये जाते है वे समान्यत:अन्य सब्जियों में नहीं पाये जाते हैं. पालक में लोहे का अंश भी बहुत अधिक रहता है, पालक में मौजूद लोहा शरीर द्वारा आसानी से सोख लिया जाता है, इसलिए पालक खाने से खून के लाल कणों की संख्या बढ़ती है. पालक में कैलोरी, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फैट, फाइबर और खनिज लवण होता हैं साथ ही पालक में विभिन्न खनिज लवण जैसे कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन तथा विटामिन ए, बी, सी आदि प्रचुर मात्रा में पाया जाते हैं.

 

  • चुकीं, पालक में आयरन की मात्रा बहुत अधिक होती है, इसलिए पालक खाने से हिमोग्लोबिन बढ़ता है. जिन व्यक्तियों को खून की कमी होती है उन्हें पालक खाने की सलाह दी जाती है.
  • पालक में मौजूद फ्लेवोनोइड्स जो एंटीआक्सीडेंट का काम करता हैं, यह तत्‍व रोग-प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि करने के अलावा हृदय संबंधी बीमारियों से लड़ने में भी सहायक होता है. इसमें पाया जाने वाला बीटा कैरोटिन और विटामिन सी क्षय होने से बचाता है, और यह पाचन तन्त्र को मजबूत करता है और भूख बढाने में सहायक होता है.
  • आप अपनी बाहों को गठीला और मसल्‍स को मजबूत बनाने चाहते हैं तो, अपने आहार में पालक को जरूर शामिल करें. स्वीडन के कारोलिंस्का संस्थान के शोधकर्ताओं के अनुसार, पालक में मौजूद अजैविक नाइट्रेट मांसपेशियां को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं.
  • गर्भवती महिलाओं को प्राय: फोलिक एसिड की कमी हो जाती है, इसकी कमी को दूर करने के लिए पालका का सेवन करना लाभदायक माना जाता है साथ ही, पालक में पाया जाने वाला कैल्शियम बढ़ते बच्चों, बजुर्ग व्यक्तियों और गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए बहुत ही फायदेमंद माना जाता है.
  • कई व्यक्ति बाल गिरने की समस्‍या से परेशान रहते हैं, उन्हें पालक को अपने नियमित आहार में शामिल करना चाहिए चुकीं, पालक शरीर में आयरन की कमी को पूरा करके बालों को गिरने से रोकने में मदद करता है.
  • पालक त्‍वचा को रूखा होने से भी बचाता है साथ ही, चेहरे के कील मुहांसे मिटाने और त्‍वचा को स्‍वस्‍थ रखने में मदद करता है. अगर आप, पालक का पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाते हैं तो, आपके चेहरे से झाइयां दूर हो जाती है.
  • अगर आप, पालक और गाजर के रस में थोड़ा सा नीबू का रस मिलाकर पीतें हैं तो आपका  चेहरा सुंदर और कांतिमय हो जाता है.
  • पालक का सेवन करने से हृदय रोग में भी फायदा होता है. आधा चम्‍मच चौलाई का रस, एक चम्‍मच पालक का रस और एक चम्‍मच नींबू का रस तीनों को मिलाकर सुबह नियमित रूप से प्रयोग करने से हृदय के रोगी को लाभ मिलता है.
  • आधा गिलास कच्‍चे पालक का रस सुबह उठकर नियमित रूप से पीने से कुछ ही दिनों में कब्जीय्त (Constipation) की समस्‍या दूर हो जाती है.
  • पालक के पत्तों का काढ़ा बनाकर पीने से पथरी पेशाब (यूरिन) के रास्‍ते इसके कण बाहर निकल जाते हैं.
  • पालक के रस में नींबू का रस मिलाकर पीने से मोटापा दूर होता है.
  • अगर आपके चेहरे व शरीर पर झुर्रियां नजर आ रही है तो आप, पालक और नीबू के रस में कुछ बूंदे ग्लिसरीन की मिलाकर सोते समय त्‍वचा पर लगाने से लाभ मिलता है.
  • अगर आपके त्वचा पर फोड़े व फुन्सी हो जाती है तो आप पालक के पत्तों को पानी में उबालकर धोने से शीघ्र लाभ मिलता है.
  • पालक खाने से आँखों की रौशनी बढती है. जिन व्यक्तियों को हल्के रौशनी में स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देता है, उनके लिए पालक किसी चमत्‍कार से कम नहीं होता है. ऐसे व्यक्तियों को गाजर व टमाटर के रस में बराबर मात्रा में पालक का जूस मिलाकर पीना चाहिए.
  • अगर आप आर्थराइटिस या ओस्टियोपोरोसिस से पडित हैं तो आपको पालक, टमाटर और खीरा आदि सब्जियों को सेवन करना चाहिए या सलाद बनाकर खाने फायदा मिलता है.
  • रात को बार बार पेशाब जाने की समस्या हो तो शाम को पालक की सब्जी खाने से ये समस्या दूर होती है.

पालक के बारे में क्या-क्या कहें, चुकीं पालक गुणों का खजाना है, आप इसे किसी भी रूप में खा सकते हैं, चाहे तो आप जूस, सब्जी, दाल में मिलाकर या आंते में गुथ कर आप इसका प्रयोग कर सकते है. पालक के बारे में कहा जाता है कि, सम्पूर्ण पाचन तंत्र की प्रणाली (पेट, छोटी बड़ी आंते) के लिए पालक का रस सफाई और पोषण करता है. पालक में पाया जाने वाला विटामिन “ए” म्यूकस मेम्ब्रेन्स की सुरक्षा के लिए उपयोगी होता है.

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