गायत्री मंत्र के जप से समस्त परेशानियां दूर होती है…

गायत्री मंत्र के जप से समस्त परेशानियां दूर होती है…

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गायत्री मंत्र के जाप से मनुष्यों के समस्त पापों का नाश हो जाता है.फोटो:-गूगल.

पौराणिक धर्म ग्रंथों के अनुसार गायत्री को वेदमाता कहते हैं. गायत्री को भारतीय संस्कृति की जननी भी कहा जाता है. वेद मंत्रो से भी सर्वश्रेष्ठ होता है गायत्री मंत्र. कहा जाता है कि, गायत्री मंत्र के जाप से मनुष्यों के समस्त पापों का नाश हो जाता है. गायत्री मंत्र का जाप करने से त्वचा व चेहरे में चमक आती है. पौराणिक ग्रंथों के अनुसार, गायत्री मंत्र के जाप करने के लिए तीन समय बताए गए हैं.  

गायत्री मंत्र का जाप का पहला समय होता है प्रात:काल, सूर्योदय से थोड़ी देर पहले से मंत्र जाप शुरू करना चाहिए और जाप सूर्योदय के पश्चात तक करना चाहिए. मंत्र जाप के लिए दूसरा समय है दोपहर का. इस वक्त भी गायत्री मंत्र का जाप करना चाहिए. तीसरा समय होता है शाम का, सूर्यास्त के कुछ देर पहले मंत्र जाप शुरू करके सूर्यास्त के कुछ देर बाद तक जाप करना चाहिए. इनके अलावा अगर मंत्र का जाप करना हो तो, मौन रहकर या मानसिक रूप से जाप करना चाहिए.

मंत्र :-

                 ।। ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।।

अर्थ:-

सृष्टिकर्ता प्रकाशमान परामात्मा के तेज का हम ध्यान करते हैं, वह परमात्मा का तेज हमारी बुद्धि को सन्मार्ग की ओर चलने के लिए प्रेरित करें.

  • यदि किसी कार्य में सफलता नहीं मिलती हो, व्यापार या नौकरी में हानि हो रही हो अथवा आमदनी कम है और व्यय अधिक है तो गायत्री मंत्र का जाप काफी फायदा पहुंचाता है. इस मन्त्र का जाप करने के लिए किसी भी शुक्रवार या रविवार को पीले वस्त्र पहनकर हाथी पर विराजमान गायत्री माता का ध्यान कर गायत्री मंत्र के आगे और पीछे श्रीं सम्पुट लगाकर जाप करना चाहिए.  
  • किसी शुभ मुहूर्त में दूध, दही, घी एवं शहद को मिलाकर एक हजार गायत्री मंत्रों के साथ हवन करने से आंखों व पेट के रोग समाप्त हो जाते हैं. नारियल का बुरा एवं घी का हवन करने से शत्रुओं का नाश हो जाता है. नारियल का बुरा एवं शहद का प्रयोग करने से सौभाग्य में वृद्धि होती है.
  • वर्तमान समय में शादी विवाह देर से होती है जिसके कारण अक्सर दंपत्तियों को संतान प्राप्त करने में कठिनाई आ रही हो तो, प्रात:काल पति-पत्नी एक साथ सफेद वस्त्र धारण कर ‘यौं बीज मंत्र का सम्पुट लगाकर गायत्री मंत्र का जाप करने से संतान संबंधी किसी भी समस्या दूर होती है.
  • अगर आप शत्रुओं के कारण परेशान हो रहें है तो आप मंगलवार, अमावस्या अथवा रविवार को लाल वस्त्र पहनकर माता दुर्गा का ध्यान करते हुएगायत्री मंत्र के आगे एवं पीछे ‘क्लीं बीज मंत्र का  तीन बार सम्पुट लगाकार 108 बार जाप करने से शत्रुओं पर विजय प्राप्त होती है.
  • अगर किसी युवक या युवती को विवाह में देरी हो रही हो तो सोमवार को सुबह के समय पीले वस्त्र धारण कर माता पार्वती का ध्यान करते हुए ‘ह्रीं बीज मंत्र का सम्पुट लगाकर 108 बार जाप करने से विवाह कार्य में आने वाली समस्त बाधाएं दूर होती हैं.
  • गायत्री मंत्र का नियमित जाप करने से त्वचा में चमक आती है, नेत्रों में तेज आता है, क्रोध शांत होता है, ज्ञान की वृद्धि होती है साथ ही सिद्धि भी प्राप्त होती है. इसके अलावा पढऩे में मन नहीं लगना, याद किया हुआ भूल जाना, शीघ्रता से याद न होना आदि परेशानियों से भी मुक्ति मिल जाती है.

                                            मनोज कुमार पाठक.