गणतंत्र दिवस

गणतंत्र दिवस

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34वें और आखिरी गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजागोपालाचरी ने 26 जनवरी 1950 को एक घोषणा के जरिए भारत को गणतंत्र देश घोषित किया. फोटो:-गूगल

अगर आप से पूछा जाए कि, गणतन्त्र दिवस की परेड कहाँ होती है तो आपका जबाव होगा राजपथ. लेकिन आप से पूछा जाय कि, गणतन्त्र दिवस की पहली परेड कहाँ हुई थी तो आपका दिमाग चकरा जाएगा और आप कहेंगें की मुझे नहीं मालूम है. आइये जानते हैं कि, पहले गणतन्त्र दिवस की परेड कहाँ हुई थी….

बताते चलें कि, 26 जनवरी 1950 को पहली गणतंत्र दिवस की परेड इर्विन स्टेडियम (नेशनल स्टेडियम) में हुई थी. उस वक्त इर्विन स्टेडियम के चारों तरफ चहारदीवारी न होने के कारण उसके पीछे पुराना किला साफ नज़र आता था.

1950-54 के बीच दिल्ली में गणतंत्र दिवस का समारोह, कभी इर्विन स्टेडियम, किंग्सवे कैंप, लाल किला तो कभी रामलीला मैदान में आयोजित होता था. ज्ञात है कि, वर्ष 1955 में पहली बार गणतन्त्र दिवस की परेड राजपथ पर शुरू हुई थी. उसके बाद लगातार वर्तमान समय तक यह सिलसिला बना हुआ है. वर्तमान समय में गणतंत्र दिवस की परेड रायसीना हिल से शुरू होकर राजपथ, इंडिया गेट से गुजरती हुई लालकिला पर ख़त्म होती है.

34वें और आखिरी गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजागोपालाचरी ने 26 जनवरी 1950 को एक घोषणा के जरिए भारत को गणतंत्र देश घोषित किया. उसके बाद भारत में संविधान लागू हुआ और भारत को संप्रभु, लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष देश घोषित किया गया. बताते चलें कि, इससे पहले भारत ब्रिटिश डोमिनियन का हिस्सा था और भारत के राजा जॉर्ज VI को बादशाह स्वीकार करता रहा और ब्रिटिश कॉमनवेल्थ का हिस्सा भी बना रहा.

वर्ष 1952 से बीटिंग रिट्रीट का कार्यक्रम शुरू हुआ. सेना बैंड ने पहली बार महात्मा गांधी के मनपसंद गीत ‘अबाइड विद मी’ की धुन बजाई और तभी से हर साल यही धुन बजती है. वर्ष 1953 में पहली बार गणतंत्र दिवस परेड में लोक नृत्य और आतिशबाजी को शामिल किया गया.

वर्ष 1955 में दिल्ली के लाल किले के दीवान-ए-आम में गणतंत्र दिवस पर मुशायरे की परंपरा शुरू हुई. वर्ष 1956 में पहली बार पांच सजे-धजे हाथी गणतंत्र दिवस परेड में सम्मिलित हुए. वर्ष 1958 से राजधानी की सरकारी इमारतों पर बिजली से रोशनी करने की शुरूआत हुई. वर्ष 1959 में पहली बार गणतंत्र दिवस समारोह में दर्शकों पर वायुसेना के हेलीकॉप्टरों से फूल बरसाए गए. वर्ष 1960 में पहली बार बहादुर बच्चों को हाथी के हौदे पर बैठाकर लाया गया जबकि बहादुर बच्चों को सम्मानित करने की शुरुआत हो चुकी थी.

गणतंत्र दिवस परेड और बीटींग रिट्रीट समारोह देखने के लिए टिकटों की बिक्री साल 1962 में शुरू हुई. वर्ष 1973 में प्रधानमन्त्री इंदिरा गांधी ने पहली बार इंडिया गेट पर स्थित अमर जवान ज्योति पर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की. तभी से ये परम्परा वर्तमान समय तक जारी है.