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क्यों बढ़ता है यूरिक एसिड…

वर्तमान समय में बदलती दिनचर्या से अनेकों तरह की बीमारियां हो रही है, पर हम सभी आधुनिकता की दौर में बढ़े चले जा रहें हैं. आजकल 30 वर्ष की उम्र के युवाओं को जोड़ों में दर्द व सूजन की शिकायत होने लगती है. डॉक्टर बताते हैं कि “यूरिक एसिड,प्युरिन के टूटने से बनता है जो खून के माध्यम से बहता हुआ किडनी तक पहुंचता है. यूरिक एसिड पेशाब के रूप में शरीर से बाहर निकल जाता है, लेकिन कभी-कभी यूरिक एसिड शरीर में ही रह जाता है और इसकी मात्रा बढने लगती है, जो शरीर के लिए घातक होती है. कार्बन, हाईड्रोजन, आक्सीजन और नाईट्रोजन तत्वों से बना हुआ यह शरीर को प्रोटीन से एमिनोअम्ल के रूप मे प्राप्त होता है. आयनों व लवण के रूप में यूरेट और एसिड यूरेट जैसे अमोनियम एसिड यूरेट के रूप में शरीर मे उपलब्ध होता है. प्रोटीन एमिनो एसिड के संयोजन से बना होता है. पाचन की प्रक्रिया के दौरान जब प्रोटीन व प्यूरीन न्यूक्लिओटाइडों टूटता है, तो शरीर में यूरिक एसिड बनता है. या यूँ कहें कि पाचन प्रक्रिया के दौरान बनने वाले ग्लूकोज प्रोटीन से सीधे यूरिन एसिड में बदलने की प्रक्रिया को यूरिन एसिड कहते हैं. भोजन पाचन प्रक्रिया दौरान प्रोटीन से ऐमिनो एसिड और प्यूरीन न्यूक्लिओटाइडो से यूरिक एसिड बनता है. यूरिक एसिड का मतलब है, जो भोजन खाया जाता है, उसमें प्यूरीन पोष्टिकता संतुलन की कमी से रक्त में असंतुलन प्रक्रिया होती है. जिससे प्यूरीन टूटने से यूरिक एसिड बनता है. यूरिक ऐसिड एक तरह से हड्डियों जोड़ों अंगों के बीच जमने वाली एसिड़ क्रिस्टल है जो कि चलने फिरने में चुभन जकड़न से दर्द होता है. यूरिक एसिड को शरीर में जमने वाले कार्बन हाइड्रोजन आक्सीजन नाइट्रोजन सी-5, एच-4, एन-4, ओ-3 का समायोजक माना जाता है. यूरिक एसिड को  समय पर नियत्रंण करना अति जरूरी होता है. चुकीं यूरिक एसिड बढ़ने पर जोड़ों-गाठों का दर्द, गठिया रोग, किड़नी स्टोन, डायबिटीज, रक्त विकार होने की संभावनाएं ज्यादा बढ़ जाती है. रक्त में यूरिक एसिड की मात्रा को नियत्रंण करना अति जरूरी होता है.

 यूरिक एसिड से होने वाली बिमारियों के लक्षण :- पैरो-जोड़ों में दर्द होना, पैर एडियों में दर्द रहना, गांठों में सूजन, जोड़ों में सुबह-शाम तेज दर्द कम-ज्यादा होना, एक स्थान पर देर तक बैठने पर उठने में पैरों एड़ियों में सहनीय दर्द, फिर दर्द सामन्य हो जाना, पैरों,  जोड़ो,  उगलियों,  गांठों में सूजन होना.

 नियत्रंण करने के आर्युवेदिक तरीके :-

  • यूरिक एसिड बढ़ने पर हाईड्रालिक फाइबर युक्त ही भोजन करना चाहिए. जैसे पालक, ब्रोकली, ओट्स, दलिया.
  • आंवला का रस और एलोवेरा के रस का मिश्रण बनाकर सुबह-शाम पीने से यूरिक एसिड कम होता है.
  • टमाटर और अंगूर का जूस पीने से यूरिक एसिड तेजी से कम होता है.
  • तीनो वक्त खाना खाने के 5 मिनट बाद 1 चम्मच तिल को बारीक चबाकर खाने से भोजन पाचन क्रिया में यूरिक ऐसिड नहीं बनता है.
  • 1 चम्मच शहद और 1 चम्मच अश्वगन्धा पाउडर को 1 कप गर्म दूध के साथ घोल कर पीने से यूरिक एसिड होता है.
  • जैतून के तेल में मौजूद विटामिन-ई व मिनरलस होते हैं, जो कि यूरिक एसिड नियत्रंण करने में काफी सहायक होता हैं.
  • खाना खाने से 15 मिनट  पहले अखरोट खाने से यूरिक एसिड नहीं बनता है, चूँकि प्रोटीन को यूरिक एसिड़ में बदलने से रोकने में यह सहायक होता है.
  • विटामिन सी युक्त खानों का प्रयोग करना चाहिए, चूँकि विटामिन सी यूरिक एसिड को मूत्र के रास्ते विसर्जन करने में सहायक होता है.
  • प्रतिदिन 2-3 चैरी खाने से यूरिक एसिड नियत्रंण में रखने में सक्षम होता है. चेरी गांठों में एसिड क्रिस्टल नहीं जमने देती है.
  • सलाद में आधा नींबू निचैड कर अवश्य खायें. दिन में 1 बार 1 गिलास पानी में 1 नींबू निचैंड कर पीने से यूरिक एसिड मूत्र के माध्यम से निकलने में सक्षम होती है.
  • तेजी से यूरिक एसिड घटाने के लिए रोज सुबह शाम 45-45 मिनट तेज पैदल चलकर पसीना अवश्य ही बहाना चाहिए. तेज पैदल चलने से एसिड क्रिस्टल जोड़ों गांठों पर जमने से रोकता है, साथ ही रक्त संचार को तीव्र कर रक्त संचार को सुचारू करने में सक्षम होता है. तेज पैदल चलना एसिड एसिड को शीघ्र नियत्रंण करने में सक्षम पाया गया है.
  • बाहर का खाना पूर्ण रूप से बन्द कर दें. घर पर बना हुआ सात्विक भोजन खायें. खाने में ताजे फल, हरी सब्जियां, सलाद, फाइबर युक्त संतुलित पौष्टिक आहर जरुर लें.
  • प्रतिदिन योगा-आसान व्यायाम अवश्य करें. योग-आसान व्यायाम यूरिक एसिड को घटाने में मद्दगार होता है, साथ ही योगा-आसान-व्यायाम करने से मोटापा और वजन में भी नियत्रंण होता है.
  • ज्यादा सूजन व दर्द में आराम के लिए गर्म पानी में सूती कपड़ा भिगो कर सेकना चाहिए.

खान-पान में साबधानी :

  • यूरिक एसिड बढ़ने पर मीट मछली व अंडा का प्रयोग तुरन्त ही बंद कर देंना चाहिए. नॉनवेज खाने से यूरिक एसिड तेजी से बढ़ता है, खासकर अंडा में रिच प्रोटीन व वसा भरपूर मात्रा में होती है जो कि यूरिक एसिड को बढ़ता है.
  • बेकरी से बनी खाद्य सामग्री का प्रयोग नहीं करना चाहिए, चूँकि बेकरी फूड में प्रीजरवेटिव का प्रयोग होता है. जैसे कि पेस्ट्री, केक, पैनकेक, बंन्न, क्रीम बिस्कुट इत्यादि…
  • यूरिक एसिड बढ़ने पर तुरन्त जंकफूड, फास्ट फूड, ठंडा सोडा पेय, तली-भुनी चीजों का प्रयोग नहीं करना चाहिए, चूँकि जंकफूड, फास्टफूड, सोडा ठंडा पेय पाचन क्रिया को और भी खराब करती है.
  • चावल, आलू, तीखे मिर्ची, चटपटा, तले पकवानों का प्रयोग नहीं करना चाहिए, चूँकि ये यूरिक एसिड बढ़ाने में सहायक होता हैं.
  • डिब्बाबंद में मौजूद हर तरह की सामग्री खाना पूरी तरह से बंद कर दें, चूँकि बन्द डब्बे की खाने पीने की चीजों में भण्डारण के वक्त कैम्किल रसायन मिलाया जाता है. हजारों तरह के बन्द डिब्बों और पैकेट की खाद्य सामग्री यूरिक एसिड तेजी से बढ़ाने में सहायक होती है.
  • एल्कोहन का सेवन पूर्ण रूप से बन्द कर देंना चाहिए. बीयर या शराब के प्रयोग से यूरिक एसिड तेजी से बढ़ता है. शराब या नशीली चीजों का सेवन जो लगातार करते हैं, उनमें 70 प्रतिशत लोगों को सबसे ज्यादा यूरिक एसिड की समस्या होती है. यूरिक एसिड बढ़ने पर तुरन्त ही नशा का प्रयोग बन्द कर देंना चाहिए. नशा स्वस्थ्य व्यक्ति को भी रोगी बना देती है.

                                         डॉ० बिमलेश कुमार (खगौल)पटना.

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