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कैल्शियम की कमी को कैसे दुर करें…

कैल्शियम एक ऐसा पोषक तत्व होता है, जिसकी आवश्कता हर उम्र के लोगों को होती है, चाहे वो बूढा हो या बच्चा, स्त्री हो या पुरुष. बजुर्गों के हड्डियों के फ्रैक्चर से बचाव और आस्टियोपोरोसिस से बचाव के लिए कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा हमारे शरीर में होनी चाहिए. अगर हम बात महिलाओं की करते हैं, तो हमारे देश में अधिकाश महिलाओं को 35 साल की उम्र के बाद कैल्शियम की कमी होने लगती है. कैल्शियम की कमी होने से हमें बहुत सी समस्याओं का सामना करना पड़ता है. कैल्शियम युक्त भोजन करने से केवल शरीर की हड्डियां हीं मजबूत नहीं रहती, बल्कि दांतों को भी शक्ति मिलती है. यही नहीं, रक्त न जमे इसकी शक्ति भी कैल्शियम से मिलती है तथा ह्रदय की गति भी संतुलित रखती है. दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की तरह ही हमारी डाइट में कैल्शियम की बड़ी अहम भूमिका होती है.

डॉ० बिमलेश कुमार के अनुसार कैल्शियम की कमी का मुख्य कारण है “आहार”. डॉ० कुमार कहते हैं कि,  कैल्शियम युक्त भोजन नहीं करने से नींद हम आती है, महिलाओं को अधिक मासिक धर्म होना और भी …  कई बीमारियाँ भी कैल्शियम की कमी के कारण हो सकता है. यदि आप सूरज की रौशनी से कई दिनों तक दूर रहेंगे, तो भी आपके शरीर को कैल्शियम नहीं मिलेगा, और आपकी हड्डियां कमजोर हो जाएंगी. इसके अलावा जो लोग कठिन परिश्रम नहीं करते हैं, उन्हें भी कैल्शियम की कमी का सामना करना पड़ता है. यदि मीठे का प्रयोग ज्यादा करते हैं तो उन्हें भी  कैल्शियम की कमी हो सकती हैं. कैल्शियम की कमी के कारण आपकी हड्डियों कमजोर हो जाती है, साथ ही मांसपेशियों में अकड़न और दर्द का होना, कमजोरी महसूस करना, कमजोर दांत, कमजोर नाखून,  झुकी हुई कमर, बालों का टूटना या झड़ना… आदि कैल्शियम की कमी के लक्षण माने जाते हैं. यही नहीं,, नींद ना आना, डर लगना और मानसिक परेशानी का होना… इन सब की वजह कैल्शिीयम की कमी की हो सकती है.

डॉ० कुमार कहते हैं कि, कैल्शियम के प्राकृतिक स्रोत में दूध, पनीर, दही और अंडे शामिल होते है, इसके अतिरिक्त फल और सब्जियों में भी विशेष रूप से कैल्शियम पाए जाते हैं. फलों में कैल्शियम जैसे… अमरूद, सीताफल, अनार, नासपाती,  अंगूर,  केला,  खरबूजा,  जामुन,  आम,  संतरा,  अनानास,  पपीता,  लीची,  सेब और शहतूत में कैल्शियम पाए जाते हैं. जबकि सब्जियों में कैल्शियम जैसे… चुकंदर, नींबू,  पालक,  बथुआ,  बैगन, टिंडा,  तुरई,  लहसुन  गाजर,  भिंडी,  टमाटर  पुदीना,  हरा धनिया,  करेला,  ककड़ी,  अरबी,  मूली और पत्तागोभी में भी कैल्शियम पाए जाते हैं. यही नहीं,  बादाम,  पिस्ता,  मुनक्का,  खजूर जैसे सूखे मेवे और मुंग,  मोठ,  चना,  राजमा,  सोयाबीन जैसे आनाज में भी कैल्शियम पाए जाते हैं.

  • अदरक की चाय भी कैल्शियम की कमी को पूरा करती है. एक कप पानी में अदरक डाल कर उबाल लें, और जब यह मिक्ष्रण आधा रह जाए, तो इसे चाय की तरह पीएं.
  • रात को 2 गिलास पानी में जीरा भिगो दें, और सुबह इस पानी को तब तक उबालें, जब तक यह आधा हो जाए, अब इसे ठंड़ा होने पर छान कर पीएं.
  • बादाम और अंजीर भी कैल्शियम की कमी को दूर करने में मदद करता है. रोजाना रात को 4 बादाम और 1 अंजीर को पानी में भिगोकर रख दें, और सुबह इसे खाली पेट में चबाकर खा लें.
  • सोयाबीन से कैल्शियम और प्रोटीन की कमी दूर हो जाती है, लेकिन यूरीक एसीड के रोगी को इसे खाने से परहेज करना चाहिए.
  • दूध कैल्शियम का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है, इसके सेवन से हमारे शरीर में कैल्शियम की कमी पूरी होती है. दूध से मिलने वाले कैल्शियम को हमारा शरीर आसानी से पचा भी लेता है, इसलिए भी  रोजाना उचित मात्रा में दूध का प्रयोग करना चाहिए.
  • आप प्रतिदिन गोभी को सलाद के रूप में खाना शुरू कर दें, इससे भी हड्डिया मजबूत होती है. गोभी कैल्शियम की कमी को पूरा करने में मदद करता है, और साथ ही आसानी से उपलब्ध भी हो जाता है.
  • तिल भी कैल्शियम की कमी को पूरा करने में सक्षम होता है, एक चम्मच तिल में करीब 88 मिग्रा. कैल्शियम होता है.
  • दही भी कैल्शियम की कमी को पूरा करता है, प्रतिदिन एक कप दही का सेवन करने से शरीर के लिए आवश्यक कैल्शियम की पूर्ति हो जाती है. जबकि, एक कप दही में करीब 250-300 मिग्रा. कैल्शियम होता है.

 

डॉ० बिमलेश कुमार.

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