ओ मोर ई

ओ मोर ई

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यह कहानी में प्रेम, स्नेह, अक्लमंदी और बहादुरी से ओतप्रोत है. दो सौतेली बहनें चम्पावती और गुणवती पर यह आधारित कहानी है. सौतेली माँ को चम्पावती फूटी आँख भी नहीं सुहाती थी वो अक्सर उसे नीचा दिखाने के लिये अपने पति से शिकायत करती थी. एक दिन की बात है चम्पावती अपने खेत की रखवाली कर रही थी तब एक अनजान और अदृश्य आवाज के जरिये विवाह का प्रस्ताव दिया. इस बात को चम्पावती अपने माता-पिता को बताई. यह बात सुनकर चम्पावती की सौतेली माँ को अच्छा मौका मिला है चलो इसे स्ते से हटाते  हैं.

इस कहानी को असमिया रंगमंच के नाटककार व निर्देशक मृणाल कुमार बोरा ने लिखा है.