उम्मीद कर सकते हैं कि…

उम्मीद कर सकते हैं कि…

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फोटो:- जय प्रकाश

वर्तमान समय में पूरी दुनिया आपकी जेब में है ऐसा कहा जाता है? पर क्या दुनिया में अमन चैन होगा, तब ही ना दुनिया आपकी जेब में होगी… . सदी में परिवर्तन तो लगातार हो रहा है, और हमसभी प्रार्थना करते हैं या मंगल कामना करते है कि पूरी दुनिया में भाईचारा हो… क्या आप उम्मीद कर सकते हैं कि ऐसा संभव नहीं हैं.

दुनिया में कुछ ऐसे लोग हैं जो स्वार्थी किस्म के हैं या यूँ कहें कि, उनकी बात का वजन होता ही नहीं हैं साथ ही कुछ ऐसे लोग भी हैं जो धर्म के नाम पर कत्लेआम आम करते हैं और तरह-तरह के ख्याली पुलाव पर राजनितिक रंग देते हैं जो किसी भी देश के विकास का सबसे बड़ा रोड़ा है. कट्टरपंथी विचारधारा से किसी भी मनुष्य या देश का भला नहीं हो सकता है. धर्म के नाम पर कत्लेआम आम करनेवाले वो लोग हैं जो धर्म के मर्म को नहीं जानते हैं अगर कोई धरम के मर्म को जान ले तो शांति के पथ का ही अनुसरण करेगा.

वर्तमान समय में किसी ख़ास वर्ग द्वारा धर्म के नाम पर युवाओं का शोषण किया जा रहा है और उन्हें बहला-फुसलाकर धार्मिक वलिवेदी पर हवन किया जा रहा है. आजादी के 70 साल बीत गये हैं पर आजतक पुरानी घाव को ही हम सभी सहला रहे हैं. आजदी के बाद हम सभी विकास के 70 स्वर्णिम साल बेकार में ही पार कर गये और आज भी हम सभी उस पुरानी राह पर ही खड़े हैं आखिर क्यों…?

ये तो बातें बहार की हुई, घर के अंदर का माहौल कुछ यूँ हैं देश में एक ऐसा कार्यक्रम हो रहा है उसके मेहमान भी ख़ास ही हैं और उनकी स्वागत से लेकर खाने-पीने तक पूरा अमलीजामा लगा है. दूसरी तरफ राज्यों में एक ऐसा भी राज्य है जहां पहले तो शराब बंद हुआ, उसके बाद दहेज भी बंद हुआ. नये नियम के अनुसार दहेज लेन-देन का दावा साबित होने शादी करवाने वालों को भी कानून के दायरे में लाया जायेगा. बताते चलें कि, सूत्रों के अनुसार, वर्तमान समय में जो शादी-व्याह हो रहीं हैं उसमे आपसी रजामंदी… पर ही व्याह हो रहा है. खबर ये भी है कि राज्य के उपमुख्यमंत्री के बेटे की शादी फीकी रहने वाली है. दूसरी तरफ कुछ लोगों में जुबानी जंग भी चल रही है. सियासत ठंडी चल रही है पर जुबानी जंग सर्द मौसम में भी आग लगा रही है.