उच्च शिक्षा के विकास-एजेन्डे पर विश्वविद्यालय तेजी से अमल करें :- राज्यपाल

उच्च शिक्षा के विकास-एजेन्डे पर विश्वविद्यालय तेजी से अमल करें :- राज्यपाल

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प्राचीन काल से ही भोजपुर की धरती वीरता, पराक्रम और साधना की भूमि रही है. फोटो:-पीआरडी, पटना.

मंगलवार को महामहिम राज्यपाल सह कुलाधिपति फागू चौहान ने वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय के ‘28वें स्थापना दिवस’ समारोह को आरा में संबोधित करते हुए कहा कि, ‘‘राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को केन्द्र एवं राज्य सरकार से आधारभूत संरचना-विकास के लिए पूरी मदद मिल रही है. आज संसाधन की कोई कमी नहीं है. राज्य में उच्च शिक्षा के विकास का एजेन्डा भी निर्धारित हो चुका है. आवश्यकता है, दृढ़संकल्प के साथ कर्त्तव्य-पथ पर सतत आगे बढ़ते रहने की.’’

राज्यपाल चौहान ने कहा कि विश्वविद्यालय-प्रशासन, सरकार, राजभवन सभी को व्यापक छात्राहित के बारे में ही निर्णय लेते हुए परस्पर सहयोग-भावना से काम करना है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों का नैक-मूल्यांकन, बायोमैट्रिक उपस्थिति का पूर्ण अनुपालन, दीक्षांत समारोहों का नियमित आयोजन, शोध-कार्यों में गुणवत्ता का विकास, शिक्षा का डिजिटलीकरण, ऑन-लाइन विभिन्न प्रमाण-पत्रों का वितरण,‘यू०एम०आई०एस०’ का पूर्ण कार्यान्वयन, रोजगारोन्मुखी नये पाठ्यक्रमों की व्यवस्था, ‘हर परिसर, हरा परिसर’ के विशेष अभियान का सफलतापूर्वक कार्यान्वयन, ‘परीक्षा कैलेण्डर’ का पूर्ण अनुपालन एवं छात्र-संघ चुनाव ये सारी बातें हमारी प्राथमिकताओं में शामिल हैं. राज्यपाल चौहान ने कहा कि वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय प्रशासन को भी इन पर तेजी से अमल करना चाहिए.

राज्यपाल चौहान ने कहा कि कोई संस्था जब अपना ‘स्थापना दिवस-समारोह’ आयोजित करती है तो उसका उद्देश्य यही होता है कि वह अपनी प्रगति-यात्रा का मूल्यांकन करे. विगत वर्षों की उपलब्धियों पर गौरव और स्वाभिमान करना तो आवश्यक है ही, अपनी चुनौतियों को भी समझना और उनके मुकाबले के लिए वाजिब तैयारी करना भी बेहद जरूरी है. इतिहास गौरव के साथ-साथ आत्म-मूल्यांकन का भी अवसर प्रदान करता है. उन्होंने कहा कि ‘स्थापना-दिवस’ के अवसर पर विश्वविद्यालय के सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को यह संकल्प लेना चाहिए कि वे अपनी शैक्षिक संस्था को इतना सशक्त और आधुनिक युग की माँग के अनुरूप विकसित करेंगे कि जिसपर यह क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूरा प्रान्त और देश गर्व कर सके.

राज्यपाल चौहान ने कहा कि प्राचीन काल से ही भोजपुर की धरती वीरता, पराक्रम और साधना की भूमि रही है. इसी क्रम में उन्होंने 1857 के क्रांति-महानायक बाबू वीर कुँवर सिंह का भी सादर स्मरण किया और उन्हें अपनी श्रद्धा निवेदित की. राज्यपाल ने स्थापना-दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों-विद्यार्थियों और पूरे विश्वविद्यालय-परिवार को भी बधाई दी तथा ‘प्रकाश पर्व दीपावली’ और भगवान सूर्य की पूजा-आराधना से जुड़े लोकपर्व ‘छठ पूजा’ की भी शुभकामनाएँ दी.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वीर कुँवर सिंह विश्वविद्यालय, आरा के कुलपति प्रो० डी०पी० तिवारी ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों का विस्तार से उल्लेख किया. उन्होंने केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ के ‘स्थापना-दिवस’ पर प्रेषित संदेश से भी जन-समुदाय को अवगत कराया.

कार्यक्रम को बिहार राज्य विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के कार्यकारी अध्यक्ष कन्हैया बहादुर सिन्हा एवं प्रो० देवव्रत राय (अमेरिका) ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम का संचालन कुलसचिव कर्नल एस०एन० झा एवं धन्यवाद-ज्ञापन प्रतिकुलपति प्रो० एन० के० साह ने किया. कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा, भोजपुर के जिलाधिकारी, आरक्षी अधीक्षक आदि भी उपस्थित थे. समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति विद्यार्थियों द्वारा हुई. राज्यपाल ने ‘स्थापना-दिवस’ पर परिसर में वृक्षारोपण भी किया. उन्होंने समारोह के दौरान बाबू वीर कुँवर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण भी किया.