‘उच्च शिक्षा का ब्लूप्रिन्ट’ के प्रारूप को ठोस रूप देनेवाली समिति की...

‘उच्च शिक्षा का ब्लूप्रिन्ट’ के प्रारूप को ठोस रूप देनेवाली समिति की प्रारंभिक बैठक हुई…

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‘राज्यपाल ने सड़क-दुर्घटना में 8 व्यक्तियों की दुःखद मृत्यु पर अपनी गहरी शोक-संवेदना व्यक्त की है. फोटो:-आईपीआरडी, पटना.

मंगलवार को राजभवन के सभागार में महामहिम राज्यपाल लाल जी टंडन के निदेशानुरूप ‘उच्च शिक्षा की रूपरेखा’(Blueprint of Higher Education) के प्रारूप को ठोस रूप देने के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति की प्रारंभिक बैठक हुई. ज्ञातव्य है कि ‘उच्च शिक्षा के ब्लूप्रिन्ट’ को ठोस रूप (Concrete Shape) प्रदान करने के लिए गठित समिति में पटना विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० रासबिहारी प्रसाद सिंह, ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय, दरभंगा के कुलपति प्रो० एस० के० सिंह, तिलका माँझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० लीलाचंद साहा, पटना विश्वविद्यालय की प्रतिकुलपति प्रो० डॉली सिन्हा, पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो० गिरीश कुमार चौधरी के अतिरिक्त शिक्षा विभाग के विशेष सचिव तथा वित्त एवं योजना-विकास विभाग के अपर सचिव भी शामिल हैं, जिन्होंने आज की प्रारंभिक बैठक में शामिल होकर ‘ब्लूप्रिन्ट’ को ठोस रूप प्रदान करने के लिए आवश्यक विचार-विमर्श किया.  

बैठक का संबोधित करते हुए राज्यपाल के प्रधान सचिव विवेक कुमार सिंह ने कहा कि ‘उच्च शिक्षा की रूपरेखा’ को ठोस रूप देने के क्रम में राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के प्राप्त मंतव्यों पर भी सम्यक् रूप से विचार होना चाहिए. उन्होंने कहा कि यथार्थवादी दृष्टिकोण (Realistic Approach) के साथ विभिन्न आवश्यक योजनाओं और उनके लिए यथापेक्षित राशि का प्रस्ताव प्रस्तुत किया जाना चाहिए. राज्यपाल के प्रधान सचिव सिंह ने कहा कि अल्पकालिक, मध्यकालिक एवं दीर्घकालिक लक्ष्यों को निर्धारित करते हुए उनके लिए ‘माइक्रो प्लान’ तैयार किया जाना तथा अनुमानित आवश्यक राशि का भी प्रस्ताव समर्पित किया जाना अपेक्षित है.

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि प्रमुख दस विन्दुओं पर योजनाओं का सूत्रण (Formulation) किया जाएगा एवं अध्यायवार समिति प्रस्ताव तैयार करेगी. बैठक में यह तय हुआ कि इस काम को प्राथमिकतापूर्वक करते हुए ‘ब्लूप्रिन्ट’ को ठोस रूप शीघ्र ही प्रदान किया जाएगा. समिति ने निर्णय लिया कि जिन प्रमुख दस अध्यायों के रूप में प्रस्ताव तैयार किए जाएँगे, वे इस प्रकार होंगे-

  1. अकादमिक सुधार (शिक्षण एवं लर्निंग प्रोसेस, परीक्षा विषयक सुधार तथा फेकेल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम)
  2. डिजिटीकरण एवं स्वचालन (Digitization & Automation)
  3. अनुसंधान एवं नवीकरण में उत्कृष्टता (Excellence in Research & Innovation)
  4. पुस्तकालय स्वचालन (Library Automation)
  5. छात्र-गतिविधियों का विकास – (प्लेसमेंट सेल, पूर्ववर्ती छात्रसंघ का सुसंचालन)
  6. व्यावहारिक शिक्षा एवं कौशल उन्नयन
  7. विस्तार गतिविधियाँ एवं सामाजिक उत्तरदायित्व (Extension Activity & Social Responsibity)
  8. शिक्षा की वैकल्पिक प्रणाली (Alternate Mode of Education)
  9. सांस्थिक आधारभूत संरचना (Institutional Infrastructure)
  10. सांस्थिक प्रत्ययन (Institutional Accreditation)

                    (NAAC / NIRF)

बैठक में सदस्यों ने यह विचार व्यक्त किया कि वर्षवार योजनाओं का कार्यान्वयन सुनिश्चित करने के लिए समयावधि निर्धारित होनी चाहिए. बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि ‘ब्लूप्रिन्ट’ का ठोस रूप तैयार करते समय छात्र-हित को सर्वोपरि रखा जाएगा तथा यह व्यवस्था सुझायी जाएगी कि अकादमिक कैलेण्डर, डिजिटीकरण तथा शोध व नवाचारी कार्यक्रमां को शिक्षण संस्थानों में प्राथमिकता मिले.

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि राज्य में उच्च शिक्षा की रूपरेखा (Blueprint) तैयार करने के क्रम में ‘नई शिक्षा नीति-2019’ के प्रसारित प्रारूप को भी ध्यान में रखा जाएगा. बैठक में यह भी तय हुआ कि राजभवन में जल्दी ही ‘नई शिक्षा नीति’ के प्रारूप पर विचार हेतु एक सेमिनार भी आयोजित किया जाएगा ताकि शिक्षाविदों और राज्य की उच्च शिक्षा-व्यवस्था की स्थानीय जरूरतों के आलोक में ‘प्रारूप’ पर आवश्यक सुझाव समुचित फोरम पर उपलब्ध कराया जा सके.

आज की प्रारंभिक बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ‘ब्लूप्रिन्ट’ को ठोस रूप प्रदान करने के उद्देश्य से गठित समिति की आगामी बैठक 16 जुलाई को पुनः होगी.

आज की बैठक में राजभवन के अपर सचिव विजय कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी (न्यायिक) फूलचंद चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी (विश्वविद्यालय) अहमद महमूद सहित राज्यपाल सचिवालय के अन्य वरीय अधिकारी भी उपस्थित थे.