इसरो का नया कीर्तिमान, एक साथ 31 सैटेलाइट लॉन्च…

इसरो का नया कीर्तिमान, एक साथ 31 सैटेलाइट लॉन्च…

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भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 31 सैटलाइट को लॉन्च कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. फोटो:-गूगल.

गुरुवार को भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 31 सैटलाइट को लॉन्च कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है. आंध्रप्रदेश के श्रीहरिकोटा अंतरिक्ष केंद्र से सुबह करीब 9:58 बजे पोलर सैटलाइट लॉन्च वीइकल (पीएसएलवी) सी-43 द्वारा 31 सैटलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया. पीएसएलवी की इस साल में यह छठी उड़ान है. इसमें भारत का हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटलाइट (HySIS) और आठ देशों के 30 दूसरे सैटलाइट शामिल हैं जिसमें अमेरिका के 23 सैटलाइट हैं और बाकी आस्ट्रेलिया, कनाडा, कोलंबिया, फिनलैंड, मलेशिया, नीदरलैंड और स्पेन के हैं.

इसरो ने कहा है कि, पीएसएलवी की 45वीं उड़ान श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केन्द्र के प्रथम प्रक्षेपण स्थल से हुई. इसरो ने कहा, ‘एचवाईएसआईएस पृथ्वी के निरीक्षण के लिए इसरो द्वारा विकसित किया गया है जो PSLV-C 43 का प्राथमिक उपग्रह है.’ इस साल PSLV का इस्तेमाल करने वाला ये छठा मिशन है. HySIS, भारत की अपनी ऑब्ज़र्वेशन सैटेलाइट है जो भारत को कृषि, वन, तटीय इलाक़ों, नदियां-झीलें, मिट्टी और दूसरे जियोलॉजिकल पर्यावरण से जुड़ी कई ऐप्लिकेशन के लिए हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सर्विस मुहैया कराएगी.

इस उपग्रह का उद्देश्य पृथ्वी की सतह के साथ इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पैक्ट्रम में इंफ्रारेड और शॉर्ट वेव इंफ्रारेड फील्ड का अध्ययन करना है। HySIS एक विशेष चिप की मदद से तैयार किया जाता है जिसे तकनीकी भाषा में ‘ऑप्टिकल इमेजिंग डिटेक्टर ऐरे’ कहते हैं. हाइपर स्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट की मिशन अवधि पांच साल की है और इसका प्रमुख उद्देश्य विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम के अवरक्त (इन्फ्रारेड) और शॉर्टवेव अवरक्त क्षेत्रों के नजदीक दृश्य पृथ्वी की सतह का अध्ययन करना है.

HySIS का कुल वज़न 380 किलोग्राम है. सैटेलाइट पेलोड में 730 वॉट का पावर बैकअप और 64Ah लियोन बैटरी है. ये वर्ष 2023 तक ऑब्ज़र्वेशन जारी रखेगा जब ये मिशन ख़त्म होगा. PSLV लॉन्चर की कुल लम्बाई 39.4 मीटर है और इसमें फ़ोर स्टेज रॉकेट लगा है. इसरो ने कहा कि उपग्रह का वजन करीब 380 किलोग्राम है और इसे 97.957 अंश झुकाव के साथ 636 किलोमीटर-पोलर सन सिंक्रोनस कक्षा में स्थापित किया गया. उपग्रह की अभियानगत आयु पांच साल की है. इसरो ने कहा कि इन उपग्रहों के प्रक्षेपण के लिए इसरो के वाणिज्यिक अंग एंट्ररिक्स कॉर्पोरेशन लि. के साथ वाणिज्यक करार किया गया है. पीएसएलवी इसरो का तीसरी पीढ़ी का प्रक्षेपण यान है और इस मिशन के डायरेक्टर आर हटन हैं.