आक्सिटोसिन का प्रयोग तुरंत रोकी जाय….

आक्सिटोसिन का प्रयोग तुरंत रोकी जाय….

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बुधवार को कृषि निदेशालय से प्राप्त सूचनानुसार, प्रायः देखा जाता है कि कद्दु, करैला, खरबुजा, तरबुजा, खीरा आदि की फसलों में इसका आकार शीघ्र बढ़ाने के लिए आक्सिटोसिन सुई का इस्तेमाल किसानों द्वारा किया जाता है. विभिन्न वैज्ञानिक शोधों से यह साबित हुआ है कि आक्सिटोसिन से मानव स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव होता है, जिसके कारण युटेराईन कैंसर, पुरूष नपुंसकता, अत्यधिक बालों का उगना, महिलाओं में अनियमित ऋतु स्राव, आँखों का खराब होना, महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर बुरा प्रभाव तथा असामयिक गर्भपात की समस्या उत्पन्न होती है.

भारत सरकार द्वारा इस ड्रग एवं कास्मेटिक रूलस 1945 के तहत इसे सीडयुल ‘H’ (प्रिसक्रिप्सन ड्रग्स) के अन्तर्गत रखा गया है, ताकि कोई भी व्यक्ति रोगी तथा दूध बेचने वाले इसकी खरीद के बिना निबंधित चिकित्सक अथवा पशु चिकित्सक की सलाह के न कर सकें.

कृषि निदेशालय द्वारा किसानों से अनुरोध किया गया है कि फल एवं सब्जी पर कदाचित आक्सिटोसिन का व्यवहार नही किया जाय.