अर्थशास्त्र से संबंधित (03)…

अर्थशास्त्र से संबंधित (03)…

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फोटो :- गूगल.

समष्टि अर्थशास्त्र क्या है? = समष्टि अर्थशास्त्र, अर्थशास्त्र का वह भाग होता है जिसका सम्बन्ध बड़े समूहो जैसे कुल माँग, कुल आय, कुल रोजगार, बचत आदि से होता है.

व्यष्टि तथा स्माष्टि अर्थशास्त्र में क्या अन्तर है? =

व्यष्टि अर्थशास्त्र :-  अर्थव्यवस्था के एक अंग का अध्ययन करता है. यह अर्थशास्त्र छोटी छोटी अथवा व्यक्तिगत इकाईयों जैसे एक परिवार, फर्म, उधोग आदि का अध्ययन करता है. यह अर्थशास्त्र योग करने की क्रिया है. इसकी केन्द्रीय समस्या कीमत निर्धारण है. यह पूर्ण रोजगार की मान्यता पर आधारित है. इसके तथ्य ठीक होते हैं, परन्तु आवश्यक नहीं नहीं कि वे पुरे समाज के लिये भी ठीक हों. इसका विश्लेषण अपेक्षाकृत सरल होता है. इसका मुख्य उपकरण मांग और पूर्ति है.

स्माष्टि अर्थशास्त्र :- सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था का अध्ययन करता है. यह अर्थशास्त्र इकाइयों के योग जैसे कुल राष्ट्रीय आय. कुल उपभोग, कुल उत्पादन आदि का अध्ययन करता है. यह योग को तोड़ने की क्रिया है. इसकी प्रमुख समस्या उत्पादन व रोजगार का निर्धारण है. यह रोजगार की मान्यता पर आधारित है. इसके तथ्य सम्पूर्ण अर्थव्यवस्था पर लागू होता है. इसका विश्लेषण अत्यंत जटिल होता है. इसका मुख्य उपकरण समग्र मांग एवं पूर्ति है.

पूँजीवाद किसे कहते है? इसकी महत्त्वपूर्ण विशेषताएँ क्या है? = पूँजीवाद का अर्थ एक ऐसे आर्थिक संगठन से है, जिसमें उत्पादन के साधनों पर व्यक्ति का निजी अधिकार होता है तथा वह उत्पादन के साधनों का प्रयोग लाभ कमाने के लिए करता है.

पूँजीवाद की विशेषताएँ क्या होती है? =

  • पूँजीवाद अर्थव्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति को सम्पत्ति तथा उत्तराधिकार रखने का अधिकार होता है.
  • पूँजीवाद अर्थव्यवस्था में प्रत्येक उत्पादक का लक्ष्य लाभ कमाना होता है.
  • इसमें केन्द्रीय आर्थिक योजना का अभाव होता है.
  • यह अर्थवयवस्था कीमत यन्त्र द्वारा स्वंय नियंत्रण होती है.
  • उत्पादक और उपभोक्ता दोनों पूर्णरूप से स्वतन्त्र होते है.
  • पूँजीवाद अर्थव्यवस्था में वर्ग-संधर्ष, धनी तथा निर्धन के बीच होता रहता है.
  • पूँजीवाद अर्थव्यवस्था में सरकार लोगों की आर्थिक क्रियाओं में हस्तक्षेप नहीं करती है.
  • सामाजिक व आर्थिक असमानताएँ अधिक होती है.

आय का चक्रीय​ वास्तविक प्रवाह किसे कहते है? = परिवार फर्मों को सेवाएं प्रदान करते है और फर्मों परिवारों को वस्तुएँ प्रदान करती है. जिनका प्रवाह निरन्तर चलता रहता है. इसी को ही आय का चक्रीय या वास्तविक प्रवाह कहते है. जो कभी समाप्त नहीं होता है.

मौद्रिक प्रवाह किसे कहते है? = एक मौद्रिक अर्थव्यवस्था में, परिवारों  एवं व्यावसायिक फर्मों के बीच मुद्रा द्वारा लेन-देन होता है. उसे मौद्रिक प्रवाह कहते है. परिवार के द्वारा आर्थिक संसाधनों जैसे भूमि, श्रम, पूँजी, साहस आदि की आपूर्ति व्यावसायिक फर्मों को की जाती है. एक व्यावसायिक फर्में उत्पादन के विभिन्न साधनों के सहयोग से ही विभिन्न वस्तुओं तथा सेवाओं का उत्पादन करती है. इन वस्तुओं तथा सेवाओं की माँग परिवार क्षेत्र द्वारा की जाती है. परिवार क्षेत्र इन वस्तुओं व सेवाओं का क्रय अपनी मौद्रिक आय से करते है.