अर्जेंटीना में पीएम मोदी ने एक नया मंत्र दिया…

अर्जेंटीना में पीएम मोदी ने एक नया मंत्र दिया…

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पीएम मोदी ने कहा कि, 'जब आप अपने इन तीन देशों के संक्षिप्त अंग्रेजी नाम पर गौर करें तो यह जय (JAI) बनेगा जिसका हिंदी अर्थ होता है “सफलता”.फोटो:-गूगल.

अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स में जी-20 शिखर सम्मेलन में कूटनीति की बिसात बिछी है. इस मौके पर भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया भर के शीर्ष नेताओं से मिल रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ अर्जेंटीना की राजधानी ब्यूनस आयर्स की सड़कों पर विरोध प्रदर्शन भी हो रहें हैं. प्रदर्शनकारीयों का कहना है कि, जी-20 सम्मेलन में आए नेता इस दुनिया की पूरी अर्थव्यवस्था को अपने हाथ में रखने चाहते हैं.

बताते चलें कि, हिंद-प्रशांत महासागर का क्षेत्र खनिज, तेल और दूसके प्राकृतिक संसाधनों से भरपूर होने के कारण चीन इस क्षेत्र में विवाद खड़े कर रहा है और इस क्षेत्र में चीन आक्रामक रवैया अपना रहा है जिसके कारण एशिया की दो बड़ी ताकतें जापान और भारत को चिंता हो रही है.

ज्ञात है कि, चीन की आक्रामक नीतियों के कारण से उपज रही चिंताओं के कारण पहली बार भारत, जापान और अमेरिका की त्रिपक्षीय बैठक हुई. इस बैठक में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शामिल हुए. तीनों नेताओं के बीच सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हिंद-प्रशांत क्षेत्र को लेकर चर्चा हुई और ओपन और फ्री इंडो-पसिफिक की वकालत की.

त्रिपक्षीय बैठक के बाद पीएम मोदी ने एक नया मंत्र दिया “जय”. जय (JAI) का अर्थ होता है जापान, अमेरिका और इंडिया). पीएम मोदी ने कहा कि, ‘जब आप अपने इन तीन देशों के संक्षिप्त अंग्रेजी नाम पर गौर करें तो यह जय (JAI) बनेगा जिसका हिंदी अर्थ होता है “सफलता”. पीएम मोदी ने अपने ट्वीट में इस बैठक को एतिहासिक बताते हुए कहा कि, शिंजो आबे और ट्रंप के साथ संपर्क सुविधाएं बढ़ाने, समुद्री क्षेत्र में सहयोग और हिंद-प्रशांत क्षेत्र की स्थिरता के बारे में बातचीत हुई.

जी-20 शिखर सम्मेलन में रूसी राष्ट्रपति पुतिन की पहल पर पीएम मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी त्रिपक्षीय मुलाकात की. इस दौरान पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को याद दिलाते हुए कहा कि, दुनिया की एक तिहाई आबादी वाले इन तीनों देशों को बहुत से मुद्दों पर अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी.

जी-20 शिखर सम्मेलन की मेज़बानी कर रहे अर्जेंटीना के राष्ट्रपति मोरसियो मैक्री ने सदस्य देशों के बीच संवाद और सहमति पर ज़ोर दिया लेकिन समूह के सदस्यों में गहरे मतभेद जल्द ही सामने आ गए. दो दिवसीय सम्मेलन के पहले दिन सदस्य देशों के बीच जलवायु परिवर्तन जैसे अहम मुद्दे पर अलग-अलग स्वर सुनाई दिए. जी-20 शिखर सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में पीएम मोदी ने कहा कि, अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण और समावेशी विकास को बढावा देने के लिए उनकी सरकार द्वारा लागू की गई. पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री जनधन योजना, मुद्रा और ‘स्टार्ट अप इंडिया’ जैसी प्रमुख योजनाओं का भी जिक्र किया.