अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने गीता गोपीनाथ को मुख्य अर्थशास्त्री नियुक्त…

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने गीता गोपीनाथ को मुख्य अर्थशास्त्री नियुक्त…

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अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने सोमवार को बताया कि आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टिन लगार्ड ने सोमवार को गोपीनाथ को आर्थिक सलाहकार और अनुसंधान विभाग के प्रमुख के पद पर नियुक्त किया. फोटो:-गूगल.

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आइएमएफ) ने सोमवार को भारत की गीता गोपीनाथ को चीफ इकोनॉमिस्‍ट के नाम का ऐलान कर दिया है. अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने सोमवार को बताया कि आईएमएफ प्रमुख क्रिस्टिन लगार्ड ने सोमवार को गोपीनाथ को आर्थिक सलाहकार और अनुसंधान विभाग के प्रमुख के पद पर नियुक्त किया. गीता गोपीनाथ का जन्म भारत में हुआ है और भारत में ही पली–बढ़ी हैं. गीता गोपीनाथ वर्तमान में हावर्ड विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय अध्ययन एवं अर्थशास्त्र की जॉन ज्वान्स्ट्रा प्रोफेसर हैं वो मॉरिश ऑस्फेल्ड का स्थान लेंगी.

बताते चलें कि, गीता का जन्‍म और उनका पालन-पोषण भारत में ही हुआ है लेकिन, अब वह अमेरिकी नागरिक हैं. गीता का जन्म सन् 1971 में कर्नाटक के मैसूर में हुआ था. गीता के दादा गोविन्द नाम्बिआर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के बेहद करीबी माने जाते थे और उनकी दादी भी कम्युनिस्ट पार्टी के लीडर ऐ. के गोपालन की रिश्तेदार थीं. गीता ने लेडी श्रीराम से बीए की पढ़ाई की और फिर इकोनॉमिक्स में मास्टर्स के लिए दिल्ली स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स चली गई. गीता के पति इक़बाल धालीवाल भी इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएट हैं और 1995 बैच के आईएएस टॉपर भी थे. इक़बाल आईएएस की नौकरी छोड़ प्रिंसटन पढ़ने चले गए थे. गीता अपने पति और एक बेटे से साथ केम्ब्रिज में रहती हैं.

गीता ने दिल्‍ली स्‍कूल ऑफ इकोनॉमिक्‍स और यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन से मास्‍टर्स किया. उन्हें माइक्रो-इकोनॉमिक्‍स में महारत हासिल है. साल 2001 में उन्‍होंने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्‍स में पीएचडी की पढ़ाई पूरी की थी. साल 2001 से शिक्षा के क्षेत्र में साल 2001 में गीता ने शिकागो यूनिवर्सिटी में असिस्‍टेंट प्रोफेसर का पद संभाला और फिर साल 2005 में वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी चली गईं. वह हार्वर्ड विश्वविद्यालय में इंटरनेशनल स्टडीज एंड इकोनॉमिक्स के जॉन ज़वांस्ट्रा प्रोफेसर हैं और उनका शोध अंतर्राष्ट्रीय फाइनेंस और मैक्रोइकॉनॉमिक्स पर केंद्रित है. इसके आलावा वह नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च में इंटरनेशनल फाइनेंस एंड मैक्रोइकॉनॉमिक्स प्रोग्राम की सह-निदेशक हैं, फेडरल रिज़र्व बैंक ऑफ बोस्टन में एक विजिटिंग विद्वान हैं, फेडरल रिजर्व बैंक ऑफ न्यूयॉर्क के आर्थिक सलाहकार पैनल के सदस्य, केरल राज्य के मुख्यमंत्री की आर्थिक सलाहकार भी हैं.

ज्ञात है की, उन्होंने भारत के वित्त मंत्रालय के लिए जी-20 मामलों पर प्रतिष्ठित व्यक्ति सलाहकार समूह के सदस्य के रूप में भी कार्य किया. 2018 में वह अमेरिकन एकेडमी ऑफ आर्ट्स एंड साइंसेज में फैलो चुनी गई थी. 2017 में उन्हें वाशिंगटन विश्वविद्यालय से विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार मिला. गीता गोपीनाथ विनिमय दरों, व्यापार और निवेश, अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संकट, मौद्रिक नीति और उभरते बाजारों के संकट पर 40 अनुसंधान लेख प्रकाशित कर चुकी है.   2014 में, उन्हें आईएमएफ द्वारा शीर्ष 25 अर्थशास्त्रियों में से एक का नाम दिया गया था और उन्हें 2011 में विश्व आर्थिक मंच द्वारा यंग ग्लोबल लीडर के रूप में चुना गया था. आइएमएफ  की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टीन लेगार्ड ने कहा, ‘गीता दुनिया की बेहतरीन अर्थशास्त्रियों में से एक हैं. उनका अकादमिक प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है. इसलिए वह इस महत्वपूर्ण मोड़ पर हमारे अनुसंधान विभाग का नेतृत्व करने के लिए बिल्कुल योग्य हैं. मुझे ऐसे व्यक्ति के अर्थशास्त्री बनने की ख़ुशी है.